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Lucknow News: शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कारोबारी से ऐंठे 46.71 लाख रुपये
Mon, 22 Dec 2025 02:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 22 Dec 2025 02:29 AM IST
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लखनऊ। साइबर जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर पीजीआई के चरन भट्ठा निवासी कारोबारी स्वप्निल मिश्रा से 46.71 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित ने पीजीआई थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
स्वप्निल के मुताबिक एक अगस्त को ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा था। ग्रुप के दो एडमिन थे। वे लोगों को शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देते थे। आरोपियों ने मुनाफे की रकम 50 लाख रुपये बताई थी। बातों में आकर उन्होंने ठगों के भेजे गए लिंक के जरिये मोबाइल एप डाउनलोड किया। फिर उसी एप के जरिये एक अगस्त से लेकर 24 अगस्त तक उन्होंने कई बार में 46.71 लाख रुपये निवेश कर दिए। कुछ दिन बाद जब उन्हें निवेश के अलावा मुनाफे के 50 लाख रुपये एप में दिखने लगे तो उन्होंने निकालने की कोशिश की। मगर ठगों ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने जब कॉल कर ठगों से कारण पूछा तो वे विभिन्न तरह के शुल्क चुकाने पर मुनाफा देने की बात कहने लगे। इस पर पीड़ित को ठगी का एहसास हो गया। कुछ माह तक पीड़ित ने झिझक के कारण पुलिस से शिकायत नहीं की। फिर शनिवार को पीजीआई थाने में तहरीर दी।
इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। ठगी के काफी दिनों बाद शिकायत करने पर रकम फ्रीज नहीं हो सकती। ठगों ने जिन अकाउंट नंबरों में रकम निवेश कराई है। उसकी पड़ताल की जा रही है।
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स्वप्निल के मुताबिक एक अगस्त को ठगों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा था। ग्रुप के दो एडमिन थे। वे लोगों को शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा देते थे। आरोपियों ने मुनाफे की रकम 50 लाख रुपये बताई थी। बातों में आकर उन्होंने ठगों के भेजे गए लिंक के जरिये मोबाइल एप डाउनलोड किया। फिर उसी एप के जरिये एक अगस्त से लेकर 24 अगस्त तक उन्होंने कई बार में 46.71 लाख रुपये निवेश कर दिए। कुछ दिन बाद जब उन्हें निवेश के अलावा मुनाफे के 50 लाख रुपये एप में दिखने लगे तो उन्होंने निकालने की कोशिश की। मगर ठगों ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने जब कॉल कर ठगों से कारण पूछा तो वे विभिन्न तरह के शुल्क चुकाने पर मुनाफा देने की बात कहने लगे। इस पर पीड़ित को ठगी का एहसास हो गया। कुछ माह तक पीड़ित ने झिझक के कारण पुलिस से शिकायत नहीं की। फिर शनिवार को पीजीआई थाने में तहरीर दी।
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इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। ठगी के काफी दिनों बाद शिकायत करने पर रकम फ्रीज नहीं हो सकती। ठगों ने जिन अकाउंट नंबरों में रकम निवेश कराई है। उसकी पड़ताल की जा रही है।
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