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LU: जिन्हें निकाला था, उन्हीं की खातिरदारी

Sun, 28 Jul 2013 12:30 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Sun, 28 Jul 2013 12:30 PM IST
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expelled students leaders shared stage with akhilesh yadav in lu

लखनऊ विश्वविद्यालय में लैपटॉप वितरण समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कुलपति डॉ. एसबी निमसे से साथ विश्वविद्यालय से निष्कासित छात्र भी मंच पर बैठे हुए थे।

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ये निष्कासित छात्रनेता अब सूबे की सरकार में मंत्री हैं और बाकायदा मंच पर उनका नाम सम्मान से लिया गया। कुलपति ने भी कार्यक्रम में आने पर उनका आभार व्यक्त किया।
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प्रदेश सरकार में मनोरंजन कर राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन सबसे आगे मंच पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ बैठे थे। लविवि छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष रहे तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन को विवि प्रशासन निष्कासित कर चुका है।
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मंच पर पीछे समाजवादी पार्टी के नेता और लविवि छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष बृजेश यादव भी बैठे हुए थे जबकि मंच पर नीचे सबसे आगे लविवि छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री और इस समय सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो के सलाहकार राम सिंह राणा मौजूद थे।

लविवि परिसर में हुए इस कार्यक्रम में निष्कासित हुए छात्रों की भारी भीड़ जुटी थी। इसमें कई पुराने थे तो कई वे भी थे जिन्हें पिछले साल ही बवाल करने के आरोप में निष्कासित किया गया है।

परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद ये सभी निष्कासित छात्र न सिर्फ कार्यक्रम में शामिल हुए बल्कि कार्यक्रम में बार-बार जोशीले नारे भी लगाते रहे।

लविवि प्रशासन ने परिसर में अराजकता फैलाने और आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के आरोप में वर्ष 2006-07 में करीब 323 छात्रों को निष्कासित कर दिया था। इनमें ये छात्रनेता भी शामिल थे। मंच में नीचे पूर्व छात्रनेता विजय कुमार सिंह उर्फ टिंटू सिंह बैठे थे।

उनके आसपास सपा के जिन युवा नेताओं की फौज थी उनमें से कई पिछले साल ही विवि के न्यू कैंपस में बवाल करने, परिसर में माहौल खराब करने और अराजकता फैलाने के आरोप में निष्कासित किए जा चुके हैं।

इनमें वेद प्रकाश यादव उर्फ वेदांत, रुद्रेश प्रताप सिंह, वसीम अहमद पिंटू, उपेंद्र सिंह सहित कई शामिल थे। लविवि के प्रॉक्टर प्रो. पवन अग्रवाल कहते हैं कि यह कार्यक्रम लविवि ने आयोजित नहीं करवाया था।

यह कार्यक्रम जिला प्रशासन की ओर से आयोजित था। कला संकाय प्रांगण में उन्हीं ने पंडाल बनवाया और अन्य पूरी व्यवस्था करवाई। हमारे छात्रों को लैपटॉप मिलना था, इसलिए हम उनके सहयोग में थे।

परिसर में छात्रों को ढंग से लैपटॉप मिले, इसलिए सीटिंग प्लानिंग और विशेष परिचय पत्र बनवाना यही हमारा काम था। बाकी कार्यक्रम में किसे आमंत्रित किया गया और कौन मंच पर या मंच के नीचे बैठेगा, इससे हमें कोई मतलब नहीं था।

एनआईओएस से पास छात्रों के अरमान टूटे
महिला कॉलेज की 23 छात्राओं को शनिवार को खाली हाथ लौटना पड़ा। इन छात्राओं ने द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) से 2012 में 12वीं की परीक्षा पास की थी।

एनआईओएस के प्रमाण-पत्र पर इन्हें कॉलेज में दाखिला तो मिल गया लेकिन लैपटॉप पाने से वंचित होना पड़ा। कॉलेज की छात्रा अंजलि (बदला हुआ नाम) कहती हैं कि एनआईओएस के प्रमाण-पत्रों को देशभर में मान्यता दी गई है। इसके प्रमाण-पत्रों से सरकारी नौकरी भी मिल रही है।

इसके बावजूद लैपटॉप योजना से हमें वंचित किया जा रहा है। एक अन्य छात्रा सुरभि ने सवाल किया कि जब लैपटॉप देना ही नहीं था तो फिर आवेदन क्यों करवाए गए? कॉलेज प्रशासन शासनादेश का हवाला दे रहा है।

उधर, महिला कॉलेज में मुख्यमंत्री के न पहुंचने का छात्राओं को मलाल रहा। कॉलेज के स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक शिकायती-पत्र भी सौंपने की तैयारी की जा रही है।

महिला कॉलेज स्टूडेंट्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट साबा अंजुम ने कहा कि बीते एक माह से लगातार मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। वाइस-प्रेसिडेंट निधि गुप्ता ने कहा कि दूसरे कॉलेजों में तो सीएम आसानी से पहुंच जाते हैं लेकिन अमीनाबाद में होने के कारण महिला कॉलेज के साथ दोयम दर्ज का बर्ताव किया जा रहा है।

कर्मचारियों की गलती छात्रों ने भुगती
लैपटॉप पाने का कई छात्रों का सपना प्रशासनिक अधिकारियों की गलती से चकनाचूर हो गया। इस्लामिया कॉलेज में लैपटॉप पाने के लिए सुबह से छात्रों को भीड़ लगी थी लेकिन कई छात्रों को मायूसी हाथ लगी।

बीए के छात्र अंकित सिंह पूरी तैयारी के साथ सुबह-सुबह लैपटॉप लेने के लिए कॉलेज पहुंचे लेकिन शासन से आए प्रमाण-पत्र में उनके पिता का नाम डीबी सिंह की जगह एसबी सिंह दर्ज था। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन ने लैपटॉप देने से मना कर दिया।

इसी तरह खुर्रमनगर के रहने वाले शाहजहां के पिता का नाम शाहजहां आलम है जबकि कागज में ए खान लिखा है। उन्हें भी लैपटॉप नहीं मिला। प्रधानाचार्य डॉ. मोहम्मद असलम सिद्दकी ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि सोमवार को गलतियां ठीक कराकर एक हफ्ते में उन्हें लैपटॉप दे दिए जाएंगे।

पानी और भूख से परेशान हुए छात्र
लैपटॉप पाने की खुशी में सुबह से कॉलेज आए छात्र प्यास और भूख से बेहाल हो गए। इस्लामिया कॉलेज सहित लविवि में छात्रों के रिफ्रेशमेंट की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। केकेसी, केकेवी, महिला कॉलेज में भी पीने के पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं थी।

सजी टेलीकॉम कंपनियों की दुकानें
लैपटॉप मिला है तो युवा इंटरनेट भी यूज करेंगे। इसी बात को ध्यान में रखकर शनिवार को डीएवी डिग्री कॉलेज में विभिन्न निजी टेलीकॉम कंपनियों ने अपने स्टॉल लगा दिए थे।

लैपटॉप लेकर निकलने वाले स्टूडेंट्स को ये अपनी कंपनी के विभिन्न इंटरनेट पैकेज के बारे में बताने के साथ ही उसकी कनेक्टिविटी और स्पीड का प्रदर्शन करके दिखा रहे थे।


लूटा-लुआक्टा ने की सीएम से की मुलाकात
लूटा के महामंत्री डॉ. नीरज जैन और लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।

इस दौरान शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष करने, प्रोन्नति नीति का शीघ्र क्रियान्वयन करने की मांग की गई। डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि 7 मार्च को शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की थी।

उस समय सभी समस्याओं को चार महीने में निपटाने का आदेश दिया गया था। मुख्यमंत्री ने जल्द ही निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

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