फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   irregularities in power corporation

मानकों की अनदेखी, बिजली का बंटाधार

Tue, 23 Jul 2013 08:04 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 23 Jul 2013 08:04 AM IST
विज्ञापन
irregularities in power corporation

सरकार बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पानी की तरफ पैसा बहा रही लेकिन फिर भी जनता बिजली संकट से जूझ रही है। इसके प्रमुख कारण मानकों की अनदेखी और जिम्मेदार इंजीनियरों की लापरवाही है।

विज्ञापन



इनके चलते नई-नई लाइनों के केबल बक्से दग रहे हैं जिससे इलाके केलोगों को 8-8 घंटे तक अंधेरे में रहना पड़ता है। इसके बाद भी इंजीनियर मूकदर्शक बने हैं और ठेकेदार मनमाने तरीके से भूमिगत केबल को बिछाने के कार्य में जुटे हैं।
विज्ञापन


यह कहानी लेसा (लखनऊ इलेक्ट्रिक सप्लाई अथॉरिटी) के अव्यवस्था की है। जिसकी गवाह बालाघाट उपकेंद्र की नई 33 केवी लाइन है। लेसा ने इस लाइन पर पौने पांच करोड़ रुपए खर्च किए लेकिन 21 जुलाई को 12 घंटे से कम वक्त में इसने धोखा दे दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षेत्रीय इंजीनियरों के अनुसार तो केबल का बक्सा दगने के कारण बिजली आपूर्ति में अवरोध आया। इससे पहले 14 जुलाई को महानगर उपकेंद्र की 33 केवी भूमिगत लाइन का केबल बक्सा दग गया जिससे 12 घंटे बिजली बंद रही।


यह लाइन करीब डेढ़ साल पहले ही बनी थी। लेसा प्रशासन ने महानगर की डेढ़ साल पुरानी लाइन में केबल बक्सा दगने की घटना से सबक नहीं लिया जिसके चलते भविष्य में जनता को बिजली संकट से छुटकारा नहीं मिलेगा।

इस प्रत्यक्ष उदाहरण हनुमान सेतु उपकेंद्र के इलाके में पड़ रही 33 केवी भूमिगत लाइन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed