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बिजली नहीं आई तो तोड़ा निदेशक का घर
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 23 Jul 2013 07:48 AM IST
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अहिबरनपुर उपकेंद्र के करीब पांच हजार से अधिक घरों की बत्ती रविवार आधी रात को गुल हो गई।
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इससे नाराज दो इलाकों के लोगों ने उपकेंद्र पर हंगामा करने के बाद मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) के आवास पर धावा बोल कर तोड़फोड़ की।
इस दौरान निदेशक ने घर से निकल कर बिजली संकट से परेशान लोगों की आपबीती सुनी और क्षेत्रीय अधिकारियों से बातचीत की। निदेशक ने प्रदर्शनकारियों को बिजली गुल होने का कारण बताकर जल्द ही उसे चालू कराने का आश्वासन देकर वापस लौटाया।
रविवार रात करीब 12 बजे अचानक उपकेंद्र के इनकमिंग फीडर में आग लग गई। इसके चलते एक पावर ट्रांसफार्मर बंद हो गया। इससे खदरा से लेकर फैजुल्लागंज तक अंधेरा हो गया।
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बिजली गायब होने की सही जानकारी न मिलने पर रात करीब 1 बजे सीतापुर रोड एवं फैजुल्लागंज के लोग घर से निकले और उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा करने लगे।
उधर ब्रह्मनगर के लोगों ने रेलवे क्रासिंग के पार निरालानगर में उजाला देखा तो आक्रोशित होकर बिजली विभाग की ऑफीसर्स कॉलोनी की तरफ चल पड़े। इन लोगों ने नियोजित तरीके से मध्यांचल के निदेशक प्रदीप टंडन के बंगले को निशाना बनाया।
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प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी एवं शोर-शराबा करते हुए बंगले के भीतर रखे फूल के गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया। कुछ उपद्रवियों ने गेट के बल्ब तोड़ कर अंधेरा कर दिया। रात 1:15 बजे निदेशक टंडन कमरे से बाहर निकले तो लोग हल्ला मचाने लगे लेकिन उन्होंने सबको शांत कराया और उनकी समस्या सुनी।
लोगों ने बताया कि बिजली गुल होने के बाद न तो उपकेंद्र के मोबाइल पर कॉल रिसीव हुई और न ही एसडीओ ने समस्या सुनी। लोगों ने बताया कि अगर बिजली बंद होने और आने के समय की सही सूचना दे दी जाती तो उन लोगों को आधी रात को घर से बाहर नहीं निकलना पड़ता।
निदेशक ने उन लोगों को समझाया तो वे लोग वापस लौट गए। वहीं एक्सईएन अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि पूरी रात मरम्मत का काम करने के बाद सुबह 6:30 बजे बिजली चालू कर दी गई।
13 घंटे बत्ती गुल, रोजेदार बेहाल
अमीनाबाद उपकेंद्र इलाके में सोमवार को 13 घंटे तक बत्ती गुल रही। इसके चलते रोजेदारों की सहरी एवं नमाज प्रभावित हुई। यह दिक्कत ट्रांसफार्मर जलने के कारण उत्पन्न हुई। यह ट्रांसफार्मर पांच दिन पहले ही लगाया गया था। रोजेदारों ने बताया कि रविवार 2:45 बजे अस्तबल चारबाग का 630 केवीए का ट्रांसफार्मर जला।
इससे बिजली के अभाव में तमाम रोजेदार सहरी नहीं कर सके, जबकि बहुत से लोग सुबह की नमाज नहीं कर सके। रोजेदारों की शिकायत के बाद सोमवार शाम चार बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू की गई। बिजली संकट के चलते अस्तबल चारबाग, सोनार वाली गली, मशकगंज में लोगों को पानी भी नहीं मिला।