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इंजीनियरिंग छात्रों को साल बचाने का एक और मौका
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 23 Jul 2013 11:25 AM IST
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गौतम बुद्ध तकनीकी विश्वविद्यालय (जीबीटीयू) से संबद्घ इंजीनियरिंग कॉलेजों में ‘ईयर बैक’ छात्रों को अपना साल बचाने का एक और मौका मिलेगा।
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प्रथम वर्ष और अंतिम वर्ष में ईयर बैक छात्रों के लिए जीबीटीयू अगस्त के तीसरे सप्ताह में ‘स्पेशल कैरी ओवर’ परीक्षा कराने जा रहा है। वहीं, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की ‘स्पेशल कैरी ओवर’ परीक्षा फरवरी में कराने की योजना है। इससे हजारों इंजीनियरिंग छात्रों को लाभ मिलेगा।
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इंजीनियरिंग कॉलेजों की परीक्षाओं में मूल्यांकन के लिए ‘क्रेडिट एंड ग्रेडिंग’ सिस्टम लागू है। सेमेस्टर परीक्षाओं और आन्तरिक मूल्यांकन के आधार पर अभ्यर्थियों को क्रेडिट पास करने होते हैं। प्रथम वर्ष के दोनों सेमेस्टरों में मिलाकर 48 क्रेडिट होते हैं।
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द्वितीय वर्ष में जाने के लिए कम से कम 24 क्रेडिट पास करने होते हैं। इससे कम पर ‘ईयर बैक’ कर दिया जाता है। उसे अगली कक्षा में प्रोन्नत नहीं किया जाता। प्रथम वर्ष में छात्र संख्या लगभग 90 हजार है। इसमें ही सबसे ज्यादा करीब 25 प्रतिशत छात्र ईयर बैक हो जाते हैं।
उसके बाद अन्तिम वर्ष में जो छात्र सभी क्रेडिट पास नहीं कर पाते उन्हें पास की मार्कशीट और डिग्री नहीं मिलती। यही वजह है कि जीबीटीयू सबसे पहले इनके लिए ही ‘स्पेशल कैरी ओवर’ परीक्षा कराने जा रहा है।
जीबीटीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विक्रम सिंह ने बताया कि प्रथम और अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अगस्त में ‘स्पेशल कैरी ओवर’ की तैयारी कर रहे हैं।
अन्य परीक्षाएं भी पहले से तय हैं, इसलिए द्वितीय और तृतीय वर्ष के लिए ‘स्पेशल कैरी ओवर’ करा पाना फिलहाल मुश्किल हो रहा है। फरवरी में समय मिलेगा तो प्रथम और तृतीय वर्ष के लिए भी कैरी ओवर परीक्षा कराई जाएगी।
अगस्त में 40 हजार छात्र होंगे शामिल
अगस्त में लगभग 40 हजार छात्रों को ‘स्पेशल कैरी ओवर’ का फायदा मिलेगा। दरअसल, प्रथम वर्ष में करीब 25 प्रतिशत छात्रों का ‘ईयर बैक’ आता है और इसी में सबसे ज्यादा 90 हजार छात्र हैं। इस तरह प्रथम वर्ष के लगभग 23 हजार छात्रों को कैरी ओवर में शामिल होने का मौका मिलेगा।
उसके बाद अंतिम वर्ष में छात्रों को सभी क्रेडिट पास करने होते हैं। इसमें भी लगभग 17 हजार छात्र ऐसे हैं, जो सभी क्रेडिट पूरे न करने के कारण पास नहीं हो पाए हैं।