{"_id":"124-63315","slug":"Lucknow-63315-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"LU: ट्रेडीशनल कोर्सेज का क्रेज हुआ कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
LU: ट्रेडीशनल कोर्सेज का क्रेज हुआ कम
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 19 Jul 2013 02:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ विवि में स्नातक कक्षाओं में दाखिले को लेकर छात्रों का रुझान कम हो गया है।
विज्ञापन
आंकड़े तो यही कह रहे हैं। लविवि में स्नातक की कुल 3400 सीटों में से करीब 1950 सीटों के लिए जारी हुई फर्स्ट सेलेक्टेड लिस्ट के 1310 स्टूडेंट्स ने ही दाखिले लिए हैं।
यानी चुने गए करीब 37 प्रतिशत छात्रों ने लविवि में दाखिला नहीं लिया।
ई-चालान बना बवाल
शुक्रवार को जो दूसरी सूची जारी होगी उसमें कुल 2040 सीटों पर सेलेक्टेड स्टूडेंट्स शामिल होंगे। इसमें पहली सेलेक्टेड लिस्ट की खाली रह गई 640 सीटें और बाकी बची 1400 सीटें शामिल हैं।
विज्ञापन
मालूम हो कि एसबीआई में ई-चालान के माध्यम से फीस जमा करने से कुछ छात्र छूट गए थे क्योंकि शनिवार को हाफ डे और रविवार की छुट्टी के कारण वे फीस जमा नहीं कर पाए थे।
विज्ञापन
ऐसे में उन्हें एक दिन का मौका और दिया गया लेकिन इसके बावजूद करीब 100 अभ्यर्थियों ने ही इसका फायदा उठाया। इस बेरुखी के जो कारण हैं उसमें पहला यह कि शायद अच्छे नंबर वाले छात्रों ने लविवि में दाखिले के लिए फॉर्म तो भर दिया, मगर यहां वह दाखिला लेने नहीं आए।
चॉइस लॉक करना भी सिरदर्द
दूसरा यह कि मेरिट के अनुसार चॉइस भरने में अभ्यर्थी थोड़ा हड़बड़ा गए। मेरिट और फर्स्ट चॉइस के अनुसार घोषित की गई पहली सेलेक्टेड लिस्ट में जिन अभ्यर्थियों ने दाखिला नहीं लिया है, उन्हें अब दोबारा मौका नहीं मिलेगा।
इस बार इंटरमीडिएट का रिजल्ट अच्छा आने के कारण कटऑफ सूची ने भी 100 प्रतिशत तक का आंकड़ा छुआ है। इसके बावजूद अगर अभ्यर्थी दाखिला लेने नहीं आए, तो इसका कारण यही है कि शायद वे ट्रेडिशनल कोर्स की बजाय प्रोफेशनल या इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने चले गए।
फिलहाल अभी जो दूसरा कटऑफ जारी होगा, उसमें अच्छे कोर्स में 80 प्रतिशत से लेकर 70 प्रतिशत और बीए जैसे कोर्स में 65 प्रतिशत तक अंक पाने वाले अभ्यर्थी दाखिला पा जाएंगे।
डिमांड वाले कोर्स जैसे एलएलबी ऑनर्स, बीकॉम ऑनर्स, बीकॉम और बीएससी मैथ्स की भी सारी सीटें भरने की उम्मीद है।
हालांकि, पहली लिस्ट में जिस तरह करीब 37 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दाखिला नहीं लिया है, उससे कई कोर्सेज की सीटें खाली रहने की भी आशंका जताई जा रही है।