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मुठभेड़ में मिली बाइक स्वामी का पता नहीं लगा सकी पुलिस
Updated Sun, 10 Jun 2018 11:51 PM IST
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सीतापुर। रामकोट थाना क्षेत्र में शातिर अपराधी शरीफ बंजारा को मुठभेड़ में ढेर करने वाली पुलिस 24 घंटे बाद भी न तो उस बाइक स्वामी का पता लगा सकी, जिस पर शरीफ बंजारा सवार था और न ही उसके दो साथियों को तलाश पाई है, जो मुठभेड़ के दौरान भाग निकले। मुठभेड़ में शातिर अपराधी को मारने का दावा कर पुलिस ने भले ही अपनी पीठ थपथपा ली हो। लेकिन इस मुठभेड़ से जुड़े तमाम पहलू पुलिस की नाकामी बताने के लिए काफी हैं।
शुक्रवार देर रात रामकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ में लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारनपुरवा टाड़ा निवासी शरीफ बंजारा को मार गिराया था। बताया गया था कि उसके दो साथी मौके से भाग गए। पुलिस ने मौके से बाइक भी बरामद की थी, जिसको लेकर दावा किया जा रहा था, कि यह बाइक लूट की है। मुठभेड़ के 24 घंटे बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है, कि बाइक स्वामी कौन है। ठीक ऐसा ही हाल बंजारा के फरार साथियों के मामले में है। पुलिस उनका भी पता नहीं लगा सकी है। पूछे जाने पर पुलिस के अधिकारी एक ही जवाब दे रहे हैं, कि जांच चल रही है। जल्द ही वाहन स्वामी का पता लगा लिया जाएगा। एएसपी मधुबन सिंह ने कहा कि बाइक स्वामी का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं शरीफ बंजारा के फरार साथियों की भी तलाश की जा रही है।
तीन गोली लगीं और शरीर पर कोई चोट नहीं...!
पुलिस की मानें तो तीन बदमाश बाइक पर सवार थे। घेराबंदी कर जब जवाबी फायरिंग की गई, तब बदमाश भागने का प्रयास करने लगे। एक बदमाश पर पुलिस ने ताबड़तोड़ फायर किए। दो गोलियां उसकी रीड़ की हड्डी को भेदती हुई निकल गईं, जबकि एक गोली उसकी क ोख को चीरती हुई पार चली गई। ऐसे में दौड़ रहा शख्स जब जमीन पर गिरा, तब उसके शरीर पर कोई दूसरी चोट ही नहीं आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ ऐसी ही पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट को देखने के बाद जानकार सवाल उठा रहे हैं कि अगर कोई व्यक्ति दौड़ता हुआ गिरता है, तब उसके मुंह, हाथ, घुटने व पंजे में चोट आना लाजमी है। ऐसे में शरीफ बंजारा गोली लगने के बाद गिरा, लेकिन उसके शरीर पर फायर इंजरी के अलावा और कोई जख्म ही नहीं मिले।
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शेर अली को सीतापुर जेल भेजा
लूट व डकैती की वारदातों को अंजाम देने वाला व रामकोट थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान मारे जाने वाले शरीफ बंजारा के बहनोई शेर अली को रविवार को सीतापुर जेल भेजा गया है। हरदोई जिले के पिहानी निवासी शेर अली को एसटीएफ ने नागपुर से दबोचा था। वह बंजारा गैंग का सदस्य था। एसटीएफ उसे सीतापुर की वारदातों से जुड़े मामलों में लेकर सीतापुर पहुंची। जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने शेर अली को सीतापुर जेल भेज दिया है।
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शुक्रवार देर रात रामकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ में लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम बंजारनपुरवा टाड़ा निवासी शरीफ बंजारा को मार गिराया था। बताया गया था कि उसके दो साथी मौके से भाग गए। पुलिस ने मौके से बाइक भी बरामद की थी, जिसको लेकर दावा किया जा रहा था, कि यह बाइक लूट की है। मुठभेड़ के 24 घंटे बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी है, कि बाइक स्वामी कौन है। ठीक ऐसा ही हाल बंजारा के फरार साथियों के मामले में है। पुलिस उनका भी पता नहीं लगा सकी है। पूछे जाने पर पुलिस के अधिकारी एक ही जवाब दे रहे हैं, कि जांच चल रही है। जल्द ही वाहन स्वामी का पता लगा लिया जाएगा। एएसपी मधुबन सिंह ने कहा कि बाइक स्वामी का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं शरीफ बंजारा के फरार साथियों की भी तलाश की जा रही है।
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तीन गोली लगीं और शरीर पर कोई चोट नहीं...!
पुलिस की मानें तो तीन बदमाश बाइक पर सवार थे। घेराबंदी कर जब जवाबी फायरिंग की गई, तब बदमाश भागने का प्रयास करने लगे। एक बदमाश पर पुलिस ने ताबड़तोड़ फायर किए। दो गोलियां उसकी रीड़ की हड्डी को भेदती हुई निकल गईं, जबकि एक गोली उसकी क ोख को चीरती हुई पार चली गई। ऐसे में दौड़ रहा शख्स जब जमीन पर गिरा, तब उसके शरीर पर कोई दूसरी चोट ही नहीं आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ ऐसी ही पुष्टि हुई है। इस रिपोर्ट को देखने के बाद जानकार सवाल उठा रहे हैं कि अगर कोई व्यक्ति दौड़ता हुआ गिरता है, तब उसके मुंह, हाथ, घुटने व पंजे में चोट आना लाजमी है। ऐसे में शरीफ बंजारा गोली लगने के बाद गिरा, लेकिन उसके शरीर पर फायर इंजरी के अलावा और कोई जख्म ही नहीं मिले।
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शेर अली को सीतापुर जेल भेजा
लूट व डकैती की वारदातों को अंजाम देने वाला व रामकोट थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान मारे जाने वाले शरीफ बंजारा के बहनोई शेर अली को रविवार को सीतापुर जेल भेजा गया है। हरदोई जिले के पिहानी निवासी शेर अली को एसटीएफ ने नागपुर से दबोचा था। वह बंजारा गैंग का सदस्य था। एसटीएफ उसे सीतापुर की वारदातों से जुड़े मामलों में लेकर सीतापुर पहुंची। जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने शेर अली को सीतापुर जेल भेज दिया है।