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....शव में लिपटा कफन भी नहीं छोड़ते

Sun, 08 Apr 2018 10:48 PM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:48 PM IST
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....शव में लिपटा कफन भी नहीं छोड़ते
परसपुर (गोंडा)। परसपुर के केएमपीएल लघु माध्यमिक विद्यालय मरचौर में शनिवार को आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने सम सामयिक रचनाओं का पाठ किया। विद्यालय प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव ने कवियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
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काव्यपाठ के शुभारंभ करते हुए कवि डा. संतशरण त्रिपाठी संत ने कहा, मैनें देखा है मजधार में डूबकर, ‘बोलते है सभी पर नहीं दौड़ते, संत दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं शव में लिपटा कफन भी नहीं छोड़ते।’ कवि जयदीप सिंह सरस ने कहा- ‘बार-बार आंबेडकर को करके बदनाम, कुछ जन तो ऐसे फंसे माया मिली न राम’। कवि सुरेंद्र सिंह झंझट ने कहा- ‘प्राइमरी स्कूल मा, है लरिकन कै भीर। लरिके खिचड़ी खात है, मुखिया काटे खीर, मास्टर मददगार है, पढ़ाई बंटाधार है।’ कवि हीरा सिंह मधुर ने कहा ‘हानि धर्म की जब होती तब नारायण पैदा होते यह शास्त्र बताते हैं, दुष्टों की संख्या जब बढ़ती तब नारायण पैदा होते यह शास्त्र बताते है।’ कवि विकास सिंह ने अपनी रचना में कहा-‘क्यों परमाणु हथियारों पे ये पाक तू हमसे ऐंठा है, दिल्ली की गद्दी पर अब तो बाप तुम्हारा बैठा है।’ कवि कृष्ण कुमार सिंह दीप ने अपनी रचना पढ़ी ‘कसम खाइये भारत में अनरीत नहीं होने देंगे इस धरती पर गद्दारों की जीत नहीं होने देंगे।’ कवि अवधेश कुमार सिंह अवधेश ने कहा- ‘क्या सियासत में अद्भुत खुमारी दिखी प्यारी आवाम के कर में आरी दिखी। इस अवसर पर कवि केदार सिंह ललक, वीपी सिंह, कवि रवीन्द्र कुमार पांडेय रवि की रचनाओं को भी खूब सराहा गया। संचालन कवि रवीन्द्र पांडेय ने किया। मुख्य अतिथि हिन्दू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष शारदाकान्त पांडेय रहे।
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