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बहराइच में सभी सीएचसी में दस बेड के बनेंगे अतिरिक्त वार्ड
Updated Mon, 15 Jan 2018 12:22 AM IST
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बहराइच। जिले 16 सीएचसी में 10 बेड के अतिरिक्त वार्ड बनवाए जाएंगे। इससे मरीजों को इलाज के लिए जिला अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सीएचसी पर ही उनका इलाज हो सकेगा। अतिरिक्त बेडों को कुपोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि कैसरगंज सीएचसी में बने 10 बेड के पुनर्वास केंद्र का मंगलवार को जिलाधिकारी अजयदीप सिंह उद्घाटन करेंगे।
जिले की 37 लाख की आबादी पर 200 बेड का जिला अस्पताल है। इसके अलावा 16 सीएचसी व 23 पीएचसी स्थापित हैं। सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज होता है।
लेकिन सीएचसी परिसर में मरीजों के लिए अधिकतम छह से 10 बेड ही है। इससे छोटी सी बीमारी में भी मरीजों की भीड़ होने पर सीएचसी के चिकित्सक मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं।
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कई मरीज तो पैसे के अभाव में जिला अस्पताल तक पहुंच भी नहीं पाते हैं, जिससे वे गांव के ही झोलाछाप से इलाज करवाते हैं। इससे निजात के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है।
अमर उजाला से बातचीत में सीएमओ डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के हर सीएचसी पर 10 बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया जाएगा।
इन आरक्षित बेड को पुनर्वास केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे हर ब्लॉक में क्षेत्र से आने वाले कुपोषित बच्चों के साथ कुपोषित महिलाओं का भी इलाज संभव हो सके।
कुपोषित बच्चों को चिकित्सकों की देखरेख में इलाज किया जाएगा। इससे जिले में स्थित सभी सीएचसी क्षेत्र के मरीज लाभान्वित होंगे।
16 सीएचसी पर बनेंगे 10 बेड के वार्ड
सीएमओ ने बताया कि जिले में 16 सीएचसी स्थापित हैं। इनमें मिहींपुरवा, पयागपुर, कैसरगंज, महसी, नानपारा, शिवपुर, विशेश्वरगंज, चिरैयाटांड़, चरदा आदि शामिल हैं। इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 10-10 बेड के पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे।
जांच में मिले थे 24 हजार अति कुपोषित बच्चे
जिले के 14 विकासखंडों में बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की जांच की गई थी। सितंबर में जारी रिपोर्ट में 24 हजार अति कुपोषित बच्चे मिले थे। इससे जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा था।
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सीएचसी पर ही उनका इलाज हो सकेगा। अतिरिक्त बेडों को कुपोषण केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा। सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि कैसरगंज सीएचसी में बने 10 बेड के पुनर्वास केंद्र का मंगलवार को जिलाधिकारी अजयदीप सिंह उद्घाटन करेंगे।
जिले की 37 लाख की आबादी पर 200 बेड का जिला अस्पताल है। इसके अलावा 16 सीएचसी व 23 पीएचसी स्थापित हैं। सीएचसी, पीएचसी व जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज होता है।
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लेकिन सीएचसी परिसर में मरीजों के लिए अधिकतम छह से 10 बेड ही है। इससे छोटी सी बीमारी में भी मरीजों की भीड़ होने पर सीएचसी के चिकित्सक मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं।
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कई मरीज तो पैसे के अभाव में जिला अस्पताल तक पहुंच भी नहीं पाते हैं, जिससे वे गांव के ही झोलाछाप से इलाज करवाते हैं। इससे निजात के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है।
अमर उजाला से बातचीत में सीएमओ डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के हर सीएचसी पर 10 बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया जाएगा।
इन आरक्षित बेड को पुनर्वास केंद्र में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे हर ब्लॉक में क्षेत्र से आने वाले कुपोषित बच्चों के साथ कुपोषित महिलाओं का भी इलाज संभव हो सके।
कुपोषित बच्चों को चिकित्सकों की देखरेख में इलाज किया जाएगा। इससे जिले में स्थित सभी सीएचसी क्षेत्र के मरीज लाभान्वित होंगे।
16 सीएचसी पर बनेंगे 10 बेड के वार्ड
सीएमओ ने बताया कि जिले में 16 सीएचसी स्थापित हैं। इनमें मिहींपुरवा, पयागपुर, कैसरगंज, महसी, नानपारा, शिवपुर, विशेश्वरगंज, चिरैयाटांड़, चरदा आदि शामिल हैं। इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 10-10 बेड के पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे।
जांच में मिले थे 24 हजार अति कुपोषित बच्चे
जिले के 14 विकासखंडों में बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की जांच की गई थी। सितंबर में जारी रिपोर्ट में 24 हजार अति कुपोषित बच्चे मिले थे। इससे जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा था।