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नब्ज की हरारत को अंगुलियां समझ लेती हैं...
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:46 PM IST
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जैदपुर (बाराबंकी)। टिकरा के पूर्व प्रधान इस्माइल की याद में आल इंडिया मुशायरे व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इशराक सिद्दीकी व संचालन जमील अख्तर जैदपुरी ने किया। मुशायरे की शुरुआत नाते पाक से हुई।
मंच पर शायर तनवीर अख्तर आजमी, वसीम रामपुरी, नूरी परवीन, उस्मान मिनाई ने नात पढ़े। उसके बाद गजलिया दौरे का आगाज हुआ। अली बाराबंकवी ने पढ़ा - नब्ज की हरारत को अंगुलियां समझ लेती हैं, आंखों की शरारत को लड़कियां समझ लेती हैं। उस्मान मिनाई ने पढ़ा - मर्ज कोई निकलता है न कोई बीमारी निकलती है, सियासत के लहू में सिर्फ मक्कारी निकलती है। जलालपुर की शायरा चांदनी शबनम ने कुछ यूं पढ़ा - कितनी चाहत है मुझको मेरे हम नशीं, तू ने मुझको बताया मजा आ गया, चांदनी की गजल को भरी बज्म में तू ने सबको सुनाया मजा आ गया। जमील अख्तर ने पढ़ा - हर रंज हंसके सह लिया शिकवा नहीं किया, हमने किसी भी दर्द को रुसवा नहीं किया। खाकर नमक से रोटी ये मजदूर ने कहा, या रब तेरा करम है कि फाका नहीं किया। इसके बाद वसीम रामपूरी, सलीम ताबिश लखनऊवी, सज्जाद झंझट, नर कंकाल सहित शायरों ने अपने कलाम पेश किए। रात भर चले मुशायरे में लोगों की भीड़ जमा रही। इस मौके पर एखलाक अहमद, शानू, इसरार, हाफिज शकील, फजील अहमद, हाजी सहीम, धीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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मंच पर शायर तनवीर अख्तर आजमी, वसीम रामपुरी, नूरी परवीन, उस्मान मिनाई ने नात पढ़े। उसके बाद गजलिया दौरे का आगाज हुआ। अली बाराबंकवी ने पढ़ा - नब्ज की हरारत को अंगुलियां समझ लेती हैं, आंखों की शरारत को लड़कियां समझ लेती हैं। उस्मान मिनाई ने पढ़ा - मर्ज कोई निकलता है न कोई बीमारी निकलती है, सियासत के लहू में सिर्फ मक्कारी निकलती है। जलालपुर की शायरा चांदनी शबनम ने कुछ यूं पढ़ा - कितनी चाहत है मुझको मेरे हम नशीं, तू ने मुझको बताया मजा आ गया, चांदनी की गजल को भरी बज्म में तू ने सबको सुनाया मजा आ गया। जमील अख्तर ने पढ़ा - हर रंज हंसके सह लिया शिकवा नहीं किया, हमने किसी भी दर्द को रुसवा नहीं किया। खाकर नमक से रोटी ये मजदूर ने कहा, या रब तेरा करम है कि फाका नहीं किया। इसके बाद वसीम रामपूरी, सलीम ताबिश लखनऊवी, सज्जाद झंझट, नर कंकाल सहित शायरों ने अपने कलाम पेश किए। रात भर चले मुशायरे में लोगों की भीड़ जमा रही। इस मौके पर एखलाक अहमद, शानू, इसरार, हाफिज शकील, फजील अहमद, हाजी सहीम, धीरज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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