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स्कूली बच्चों के अभिभावकों को देना होगा सेफ्टी शपथ पत्र
Updated Thu, 10 May 2018 10:48 PM IST
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गोंडा। अब अपनी बाइक, स्कूटर एवं स्कूटी से स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को संभागीय परिवहन विभाग को सेफ्टी शपथ पत्र देना होगा। तभी उनके बच्चे वाहन चलाकर स्कूल जा सकेंगे। गुरुवार को संभागीय परिवहन विभाग में एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने स्कूलों के नोडल टीचर्स संग बैठक कर बच्चों को स्कूल लाने व घर तक पहुंचाने वाले वाहनों की सेफ्टी पर मीटिंग करके उन्हें सुरक्षा संबंधी टिप्स दिए।
एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने स्कूलों के नोडल टीचर्स को बताया कि स्कूली वाहन चालकों को सख्त हिदायत दे दें कि बच्चों को स्कूल पहुंचाते समय और उन्हें लाते समय कोई भी चालक किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेगा। अगर ऐसा करते चालक मिलता है तो उसे कार्यमुक्त कर दिया जाए। जिससे बच्चों की सुरक्षा में विघ्न न आ सके। कहा कि इसका ध्यान रखें कि स्कूली वाहन गैस किट चालित न हो। इसका कड़ाई से पालन कराएं। ऐसे वाहनों का हर हाल में फिटनेस होना चाहिए। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर वाहन चालकों एवं मालिकों के साथ ही स्कूल प्रबंधन भी कार्यवाही की जद में आएगा। कहा कि 50 सीसी तक की बाइक, स्कूटर व स्कूटी से स्कूल आने जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को सेफ्टी शपथ पत्र देना होगा। ऐसा न करने पर उनके बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा स्कूली बच्चे जो बालिग है, उनका ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लें। स्कूल के नोडल टीचर्स को रोज स्कूल में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने का भी सुझाव दिया, जिससे हादसों से बचा जा सके।
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एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने स्कूलों के नोडल टीचर्स को बताया कि स्कूली वाहन चालकों को सख्त हिदायत दे दें कि बच्चों को स्कूल पहुंचाते समय और उन्हें लाते समय कोई भी चालक किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेगा। अगर ऐसा करते चालक मिलता है तो उसे कार्यमुक्त कर दिया जाए। जिससे बच्चों की सुरक्षा में विघ्न न आ सके। कहा कि इसका ध्यान रखें कि स्कूली वाहन गैस किट चालित न हो। इसका कड़ाई से पालन कराएं। ऐसे वाहनों का हर हाल में फिटनेस होना चाहिए। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर वाहन चालकों एवं मालिकों के साथ ही स्कूल प्रबंधन भी कार्यवाही की जद में आएगा। कहा कि 50 सीसी तक की बाइक, स्कूटर व स्कूटी से स्कूल आने जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को सेफ्टी शपथ पत्र देना होगा। ऐसा न करने पर उनके बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा स्कूली बच्चे जो बालिग है, उनका ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लें। स्कूल के नोडल टीचर्स को रोज स्कूल में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने का भी सुझाव दिया, जिससे हादसों से बचा जा सके।
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