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सामूहिक नरसंहार का आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख गिरफ्तार
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:35 AM IST
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सामूहिक नरसंहार का आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख गिरफ्तार
रायबरेली। योगी सरकार की सख्ती के बाद आखिरकार पुलिस ने ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में हुई पांच लोगों की हत्याओं के आरोपी रोहनिया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार यादव को सोमवार सुबह रतापुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे पुलिस लाइन ले गई। जहां से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। सामूहिक नरसंहार के सभी आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में डीएम अभय सिंह और एसपी गौरव सिंह ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार यादव को सोमवार सुबह रतापुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां उसे पूछताछ और कागजी कार्रवाई की गई। सारी प्रक्रिया पूरे होने के बाद उसे जिला कारागार भेज दिया गया। अफसरों ने बताया कि सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कुर्की की कार्रवाई भी होगी।
आमतौर पर किसी आरोपी की गिरफ्तारी होने पर पुलिस आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करती है और खुलासे के बारे में बताती है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख को पुलिस मीडिया के सामने नहीं लाई। पूछने पर बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ऐसा किया गया है। अफसरों ने बताया कि अब तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी की तलाश कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी बहुत से साक्ष्य आने बाकी है। कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। हत्याकांड के दौरान किसने 100 नंबर या फिर थाने में फोन किया, उसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। एसपी ने बताया कि गांव जाने पर अभी रोक जारी रहेगी। किसी को भी अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग नहीं जाने दिया जाएगा।
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एक अधिवक्ता ने पुलिस का काम किया आसान
विभागीय सूत्रों की माने तो एक अधिवक्ता ने पुलिस का काम आसान किया। एक सप्ताह तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख को न खोज पाने वाली पुलिस ने एक झटके में मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी दिखा दी। इस अधिवक्ता ने पुलिस के साथ पैचअप किया और कहा कि बिना टॉर्चर किए उसको जेल भेज दिया जाए। यही वजह है कि एक सप्ताह तक पुलिस के हाथ न लगने वाला आरोपी एक झटके में रतापुर चौराहे पर मिल गया और उसने उसे पकड़कर जेल भेज दिया। बताया गया कि आरोपी अदालत में आत्मसमर्पण करने जा रहा है, तभी दबोच लिया गया।
दीवानी कचहरी में फोर्स तैनात और उधर जेल गया आरोपी
दीवानी कचहरी के गेटों पर फोर्स तैनात थी कि आरोपी को लाया जा रहा है। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा, लेकिन पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पुलिस लाइन में पूरी करके आरोपी को जेल भेज दिया। इधर मीडिया और अधिवक्ता उसके आने का इंतजार ही करते रहे।
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रायबरेली। योगी सरकार की सख्ती के बाद आखिरकार पुलिस ने ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में हुई पांच लोगों की हत्याओं के आरोपी रोहनिया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार यादव को सोमवार सुबह रतापुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे पुलिस लाइन ले गई। जहां से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। सामूहिक नरसंहार के सभी आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में डीएम अभय सिंह और एसपी गौरव सिंह ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार यादव को सोमवार सुबह रतापुर चौराहे से गिरफ्तार किया गया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां उसे पूछताछ और कागजी कार्रवाई की गई। सारी प्रक्रिया पूरे होने के बाद उसे जिला कारागार भेज दिया गया। अफसरों ने बताया कि सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कुर्की की कार्रवाई भी होगी।
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आमतौर पर किसी आरोपी की गिरफ्तारी होने पर पुलिस आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करती है और खुलासे के बारे में बताती है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख को पुलिस मीडिया के सामने नहीं लाई। पूछने पर बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ऐसा किया गया है। अफसरों ने बताया कि अब तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बाकी की तलाश कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी बहुत से साक्ष्य आने बाकी है। कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। हत्याकांड के दौरान किसने 100 नंबर या फिर थाने में फोन किया, उसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। एसपी ने बताया कि गांव जाने पर अभी रोक जारी रहेगी। किसी को भी अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग नहीं जाने दिया जाएगा।
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एक अधिवक्ता ने पुलिस का काम किया आसान
विभागीय सूत्रों की माने तो एक अधिवक्ता ने पुलिस का काम आसान किया। एक सप्ताह तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख को न खोज पाने वाली पुलिस ने एक झटके में मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी दिखा दी। इस अधिवक्ता ने पुलिस के साथ पैचअप किया और कहा कि बिना टॉर्चर किए उसको जेल भेज दिया जाए। यही वजह है कि एक सप्ताह तक पुलिस के हाथ न लगने वाला आरोपी एक झटके में रतापुर चौराहे पर मिल गया और उसने उसे पकड़कर जेल भेज दिया। बताया गया कि आरोपी अदालत में आत्मसमर्पण करने जा रहा है, तभी दबोच लिया गया।
दीवानी कचहरी में फोर्स तैनात और उधर जेल गया आरोपी
दीवानी कचहरी के गेटों पर फोर्स तैनात थी कि आरोपी को लाया जा रहा है। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा, लेकिन पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पुलिस लाइन में पूरी करके आरोपी को जेल भेज दिया। इधर मीडिया और अधिवक्ता उसके आने का इंतजार ही करते रहे।