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81 फीसदी युवा सिरदर्द से हैं परेशान, इन दो बड़ी वजह के शिकार आप भी तो नहीं

Mon, 26 Feb 2018 12:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 26 Feb 2018 12:26 PM IST
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81 percent youth of lucknow suffering from headache
- फोटो : demo
लखनऊ के 81 प्रतिशत विद्यार्थियों में सिरदर्द का कारण नींद और तनाव पाया गया है। यह खुलासा एसजीपीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग और केजीएमयू के मेडिसिन विभाग की तरफ से किए गए अध्ययन के बाद जारी रिपोर्ट में हुआ है। इनमें से अधिकतर मामले माइग्रेन के हैं।
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सामान्य आबादी के बीच सिरदर्द के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। एसजीपीजीआई और केजीएमयू ने बीते एक वर्ष के दौरान सिरदर्द के मामलों को शामिल कर मेडिकल और गैर मेडिकल छात्रों पर अपना अध्ययन किया। इसके बाद सामने आई रिपोर्ट ने कई आश्चर्यजनक खुलासे किए।
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यह है आंकड़ा

81 percent youth of lucknow suffering from headache
83.9 प्रतिशत छात्राएं और 79.9 प्रतिशत छात्र सिरदर्द से पीड़ित
81.82 प्रतिशत मेडिकल और 77.14 प्रतिशत सामान्य छात्र अध्ययन में शामिल
72 प्रतिशत विद्यार्थियों में सिरदर्द औसतन 22 वर्ष से पहले हुआ शुरू
50 प्रतिशत विद्यार्थियों के परिवार में पहले से थी यह समस्या

50 प्रतिशत छात्र एपिसोडिक टेंशन टाइप हेडेक (टीटीएच) से मिले प्रभवित
55.6 प्रतिशत छात्र और 39.3 प्रतिशत छात्राएं पीड़ित मिलीं
22 प्रतिशत में महीने में एक बार ही होता था सिरदर्द
39.3 प्रतिशत छात्राएं और 21.1 प्रतिशत छात्र मिले माइग्रेन से पीड़ित, कुल प्रभावित 27 प्रतिशत
2.4 से 3.6 प्रतिशत होती है सामान्य आबादी में यह संख्या

असर
सिरदर्द का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और कामकाज पर भी हो रहा है। सिरदर्द की वजह से वे एक तिहाई ही काम कर पा रहे हैं। दैनिक गतिविधियों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।

ट्रिगर फैक्टर : तनाव और नींद की कमी

81 percent youth of lucknow suffering from headache
70.37 प्रतिशत मामलों में सिरदर्द की वजह तनाव मिला
40 प्रतिशत मामलों में नींद पूरी न हो पाना सिरदर्द की वजह
19 प्रतिशत में धूप सिरदर्द को ट्रिगर करने की वजह रही
27.41 प्रतिशत में भूखे रहना का कारण पाया गया
40 प्रतिशत छात्रों में थकान रहा मुख्य कारण
15.56 प्रतिशत छात्र-छात्राएं तेज ध्वनि से पीड़ित मिले
09 प्रतिशत छात्रों ने मौसम के बदलाव को बताया कारण  
06 ने विद्यार्थियों ने बताया ट्रेवलिंग में होता है सिरदर्द
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ऐसे बचें

81 percent youth of lucknow suffering from headache
चिकित्सकों के अनुसार सिरदर्द की प्रमुख वजहें लाइफ स्टाइल से पैदा हो रही हैं, ऐसे में इसमें बदलाव करते हुए हालात में सुधार लाया जा सकता है।
- रात को समय पर सोने का प्रयास करें, बिस्तर में जाने के बाद सेलफोन को किनारे रख दें।
- काम और पढ़ाई का तनाव खुद पर हावी न होने दें, हर समय इन्हीं बातों में दिमाग लगाए रखने पर भी स्ट्रैस बढ़ेगा।
- खाने-पीने का समय निर्धारित रखें और पालन करें, पौष्टिक भोजन लें बजाय स्वाद के चक्कर में गैर-पौष्टिक भोजन लेने।
- ट्रिगरिंग फैक्टर्स जैसे धूप, धूल या सफर आदि के दौरान भी विशेष ख्याल रखें।
- पेन किलर्स बिना चिकित्सकीय सलाह के हरगिज न लें।

राहत के लिए आराम
प्रभावित विद्यार्थियों में से 85 प्रतिशत ने बताया कि आराम करने पर सिरदर्द में राहत मिलती है। 18.52 प्रतिशत लोगों ने मसाज और 17.78 प्रतिशत ने अंधेरे में रहने से आराम मिलने की बात कही। 68.89 प्रतिशत विद्यार्थियों ने कहा कि भरपूर नींद लेने पर सिरदर्द छूमंतर हो जाता है।

अध्ययन में शामिल टीम
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग की डॉ. रुचिका टंडन और पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार, प्रो. जयंती कलिता और प्रो. उषाकांत मिश्र अध्ययन में शामिल रहे।
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