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Lucknow News: दूषित पानी पीने को मजबूर 800 परिवार, हो रहे बीमार
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प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
लखलऊ। रिशिता मैनहाटन सोसाइटी में करीब पांच महीने से दूषित पानी आ रहा है। इससे लगभग 800 परिवारों के सामने पेयजल का संकट बना हुआ है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार भी हो रहे हैं। मंगलवार को सोसाइटी के लोगों ने बिल्डर और मेंटेनेंस टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
लोगों ने बताया कि पानी दूषित होने से वे पानी खरीदकर पी रहे हैं। पांच महीने से बिल्डर और मेंटेनेंस टीम से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसकी शिकायत जब उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की गई तो जलकल विभाग ने पानी की जांच की, जिसमें क्लोरीन की मात्रा शून्य मिली। वहीं, बीते 24 जून को मेंटेनेंस कंपनी जेएलएल की टीम ने पानी की जांच कराई, तो उसकी रिपोर्ट में पानी पीने योग्य था। सोसाइटी की रचना चतुर्वेदी ने बताया कि गंदा पानी पीने से उनकी आंतों में सूजन हो गई। वहीं, मेंटेनेंस कंपनी का कहना है कि साफ पानी की आपूर्ति के लिए काम हो रहा है, जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी।
पहले भी पानी की समस्या आ चुकी है
आलोक कपूर ने बताया कि पिछले साल भी पानी की समस्या थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ठीक हो गई, मगर कुछ दिनों बाद समस्या फिर खड़ी हो गई, तब से इसे दूर नहीं किया गया। बिल्डर से शिकायत करने पर कामचलाऊ सफाई होकर काम बंद हो जाता है। वहीं, समीर राजपूत ने कहा कि 800 परिवारों को पानी देने के लिए लगाया गया डोजिंग पंप की क्षमता काफी कम है। इससे क्लोरिन की मात्रा मानक से कम रहती है। क्षमता बढ़ाने के लिए कई बार कह गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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Iदूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। कई बार बिल्डर और मेंटेनेंस टीम से शिकायत की गई, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं है। I
I- तृप्ति, निवासी रिशिता मैनहाटन सोसाइटीI
Iदूषित पानी पीने से मैं एक जुलाई को बीमार हो गया था। इलाज के बाद जान बची है। अब भी तबीयत पूरी तरह से ठीक नहीं है। I
I- बलवीर सिंह, निवासी रिशिता मैनहट्टन सोसाइटी I
Iपानी गंदा होने से सोसाइटी में रह रहे लगभग सभी लोग बीमार हैं। दूषित पानी पीने से मुझे टाइफाइड हो गया था। 15 बोतल ड्रिप चढ़ने के बाद तबीयत ठीक हुई है। I
I- बबीता राय , निवासी रिशिता मैनहट्टन सोसाइटीI
Iबिल्डर व मैनेजर से शिकायत करने पर जवाब आता है कि सब सही है, जबकि हकीकत अलग है। हम लोगों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है, लेकिन ऐसा कब तक करेगें। I
I- प्रभाकर शर्माI
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लोगों ने बताया कि पानी दूषित होने से वे पानी खरीदकर पी रहे हैं। पांच महीने से बिल्डर और मेंटेनेंस टीम से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसकी शिकायत जब उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की गई तो जलकल विभाग ने पानी की जांच की, जिसमें क्लोरीन की मात्रा शून्य मिली। वहीं, बीते 24 जून को मेंटेनेंस कंपनी जेएलएल की टीम ने पानी की जांच कराई, तो उसकी रिपोर्ट में पानी पीने योग्य था। सोसाइटी की रचना चतुर्वेदी ने बताया कि गंदा पानी पीने से उनकी आंतों में सूजन हो गई। वहीं, मेंटेनेंस कंपनी का कहना है कि साफ पानी की आपूर्ति के लिए काम हो रहा है, जल्द व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी।
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पहले भी पानी की समस्या आ चुकी है
आलोक कपूर ने बताया कि पिछले साल भी पानी की समस्या थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ठीक हो गई, मगर कुछ दिनों बाद समस्या फिर खड़ी हो गई, तब से इसे दूर नहीं किया गया। बिल्डर से शिकायत करने पर कामचलाऊ सफाई होकर काम बंद हो जाता है। वहीं, समीर राजपूत ने कहा कि 800 परिवारों को पानी देने के लिए लगाया गया डोजिंग पंप की क्षमता काफी कम है। इससे क्लोरिन की मात्रा मानक से कम रहती है। क्षमता बढ़ाने के लिए कई बार कह गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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Iदूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। कई बार बिल्डर और मेंटेनेंस टीम से शिकायत की गई, लेकिन वे सुनने को तैयार नहीं है। I
I- तृप्ति, निवासी रिशिता मैनहाटन सोसाइटीI
Iदूषित पानी पीने से मैं एक जुलाई को बीमार हो गया था। इलाज के बाद जान बची है। अब भी तबीयत पूरी तरह से ठीक नहीं है। I
I- बलवीर सिंह, निवासी रिशिता मैनहट्टन सोसाइटी I
Iपानी गंदा होने से सोसाइटी में रह रहे लगभग सभी लोग बीमार हैं। दूषित पानी पीने से मुझे टाइफाइड हो गया था। 15 बोतल ड्रिप चढ़ने के बाद तबीयत ठीक हुई है। I
I- बबीता राय , निवासी रिशिता मैनहट्टन सोसाइटीI
Iबिल्डर व मैनेजर से शिकायत करने पर जवाब आता है कि सब सही है, जबकि हकीकत अलग है। हम लोगों को बाहर से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है, लेकिन ऐसा कब तक करेगें। I
I- प्रभाकर शर्माI