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UP: एक महीने में 80 किलो तस्करी का सोना बरामद... नेपाल बॉर्डर पर सब ठीक नहीं, बिहार बॉर्डर से सर्वाधिक बरामदगी
Thu, 03 Jul 2025 10:34 AM IST
ishwar ashish
अभिषेक राज की ग्राउंड रिपोर्ट
अभिषेक राज की ग्राउंड रिपोर्ट
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 03 Jul 2025 10:34 AM IST
सार
बीते एक महीने में ट्रेनों और बसों से 80 किलो तस्करी का सोना बरामद हो चुका है। सबसे ज्यादा बरामदगी बिहार बॉर्डर से हुई है। महाराष्ट्र के सांगली निवासी छह तस्कर गिरफ्तार हो चुके हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
आतंकी गतिविधि के इनपुट पर नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। एसएसबी के सभी बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) को भी सचेत किया गया है। इस सब के बाद भी तस्कर चीन का सोना बॉर्डर पार करके भारत में पहुंचा रहे हैं। बीते एक महीने में ट्रेनों और बसों से करीब 80 किलो बरामद सोना और 20 किलो चांदी बता रही है कि बॉर्डर पर सब ठीक नहीं है।
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नेपाल के साथ उत्तर प्रदेश की 579 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। इस सीमा से सटे पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जैसे सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील जिले हैं। इन सभी जिलों में तस्करों का मजबूत नेटवर्क है। एसएसबी इंटेलिजेंस से भी कहीं पुख्ता।
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पूर्व आईबी अधिकारी संतोष सिंह बताते हैं कि तस्कर अपने साथियों को नेपाली सिम वाले मोबाइल फोन उपलब्ध करा सीमा के आसपास सक्रिय करते हैं। ऐसे में जब एसएसबी का गश्ती दल गुजरता है तो दूसरे दल के बीच में करीब 20 से 25 मिनट का अंतर होता है। इसी अंतर में माल उधर से इधर हो जाता है। यह खेल पूरी रात या कभी-कभी जंगली क्षेत्रों में दिन में भी चलता है। इस समय नेपाल बॉर्डर पर सोने के साथ ही खाद, मक्का और ऑटो पार्ट की भी तस्करी हो रही है।
अकेले जून माह में ही उत्तर प्रदेश और बिहार से लगती नेपाल सीमा से ट्रेनों और बसों से करीब 80 किलो तस्करी का सोना बरामद हो चुका है। इसमें सर्वाधिक बरामदगी बिहार बॉर्डर से हुई है। यहां से महाराष्ट्र के सांगली निवासी छह तस्कर भी गिरफ्तार हुए हैं, जिनसे पूछताछ में डीआरआई को अहम सुराग मिले। उन्हीं से पता चला कि नेपाल के रास्ते चीन का लोना पंजाब में पाकिस्तान बॉर्डर तक पहुंच रहा है। नेपाल में भी महाराष्ट्र निवासी तीन तस्करों की गिरफ्तारी हुई है, जो सोने की बड़ी खेप लाने की फिराक में थे। कानपुर निवासी रितेश गुप्ता की कार नेपाल में तस्करी के मामले में ही सीज हो चुकी है। आरोप है कि ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से वह तस्करी कर रहे थे।