आयोग ने मांगे सुझाव, कर्मचारियों में जगी उम्मीद
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सातवें वेतन आयोग ने नौकरीपेशा वर्ग के वेतन, भत्ते व
नई पेंशन स्कीम और कांट्रैक्ट नियुक्तियों से जुड़े मुद्दे भी इसमें शामिल हैं। कर्मचारी संगठन, संस्थाएं व इच्छुक लोग 31 मई तक आयोग को सुझाव दे सकते हैं।
गौरतलब
है कि केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग का गठन फरवरी में किया था। आयोग
अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, पेंशन व सेवानिवृत्ति से जुड़े
लाभों पर नए सिरे से अध्ययन कर रहा है।
नई पेंशन स्कीम पर कर्मचारियों की
शुरू से आपत्ति रही है। इसको लेकर कई बड़े आंदोलन हो चुके हैं। सृजित पदों
पर संविदा कर्मियों की नियुक्ति के खिलाफ भी कई आंदोलन हो चुके हैं।
इंडियन
पब्लिक सर्विस एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष वीपी मिश्र का कहना है कि आयोग
का यह कदम नौकरीपेशा वर्ग के लिए उत्साहवर्धक है।
आयोग जो संस्तुतियां
देता है, उसे केंद्र के साथ राज्य सरकार भी लागू करती हैं।
आयोग ने छठे
वेतन आयोग की संस्तुतियों के हिसाब से लागू व्यवस्था से उत्पन्न विसंगतियों
का संज्ञान लिया है। सभी से इसके पक्ष व विपक्ष में सुझाव मांगे हैं।
उन्होंने बताया कि फेडरेशन जल्द ही बिंदुवार सुझाव देगा।