72825 शिक्षक भर्ती: मेरिट लिस्ट में भारी गड़बड़ियां
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प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए जारी हुई मेरिट लिस्ट में भारी गड़बड़ियां सामने आ रही है। जिसे लेकर अभ्यर्थी परेशान हो रहे है। प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती-2011 के लिए एटा जिले में आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों की जन्म तिथि एक ही है। ज्यादातर अभ्यर्थियों के पिता का नाम है ही नहीं।
शिक्षक भर्ती के लिए जारी मेरिट सूची में ऐसी खामियों की भरमार है। एक-एक अभ्यर्थी ने चालीस-चालीस जनपदों में आवेदन किया है। ऐसे में हर जिले में त्रुटि संशोधन के लिए प्रत्यावेदन देने में अभ्यर्थी परेशान हो रहे हैं।
पांच दिन बाद गुरुवार को आखिरकार टीईटी शिक्षक भर्ती मेरिट की वेबसाइट खुलनी शुरू हुई, लेकिन मेरिट सूची में खामियों से अभ्यर्थी परेशान हैं।
एटा जिले की मेरिट सूची में 99 फीसदी अभ्यर्थियों की जन्म तिथि 12 जून 1987 दर्ज है। पहले पांच स्थानों पर तो अभ्यर्थियों के नाम ही नदारद हैं।
15 जुलाई तक भेजना है प्रत्यावेदन
अभ्यर्थियों को गलती सुधरवाने के लिए अपना प्रत्यावेदन 15 जुलाई तक संबंधित डायट केंद्रों पर भेजना है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने कई जिलों में आवेदन कर रखा है, ऐसे में त्रुटि संशोधन कराने के लिए उन्हें काफी पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। उधर, एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह कहते हैं कि मेरिट सूची में गड़बड़ी कैसे हुई, यह पता लगाना मुश्किल है। फिलहाल अभ्यर्थी प्रत्यावेदन देकर गड़बड़ी सही करवा सकते हैं।
नए प्रारूप को लेकर भी असमंजस
प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती के लिए प्रत्यावेदन का नया प्रारूप जारी किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक्सेल फॉर्मेट में जारी नए प्रारूप में कुछ और सूचनाएं मांगी जा रही हैं।
ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि पहले कम सूचनाओं के साथ भेजे गए प्रत्यावेदन फॉर्म स्वीकार होंगे या नहीं। वहीं, एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने प्रारूप में किसी बदलाव से इन्कार करते हुए कहा कि अधिक सूचनाएं अभ्यर्थी के हित के लिए ही मांगी जा रही हैं।
डाकघरों में टीईटी अभ्यर्थियों की भीड़
टीईटी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन संशोधन का प्रत्यावेदन भरने के बाद उसकी फोटो कॉपी डाक से या फिर खुद संबंधित डायट पर जमा करना है।
कई जिलों में आवेदन करने के कारण अभ्यर्थी अपना प्रत्यावेदन स्पीड पोस्ट से भेज रहे हैं। ऐसे में डाकघरों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण सात-आठ घंटे बाद उनका नंबर आ रहा है।
जीपीओ पर गुरुवार सुबह सवा ग्यारह बजे लाइन में लगने वाले आशीष शुक्ला के अनुसार शाम सात बजे तक उनका नंबर नहीं आया।
उनके आगे चार-पांच लोग बचे थे कि काउंटर बंद हो गया। ऐसे में फॉर्म जमा करने के लिए उन्हें दूसरी लाइन में लगना पड़ा और कई घंटे लगने के बाद फॉर्म पोस्ट हो पाए।
ये भी है एक मुश्किल
हाईकोर्ट ने टीईटी 2011 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 72825 सहायक अध्यापकों के पद पर चयन के मामले में ऐसे अभ्यर्थियों को शामिल न करने पर सरकार से जवाब मांगा है, जिनका परिणाम देर से फरवरी और मार्च 2012 में घोषित किया गया था।
यह अभ्यर्थी टीईटी 2011 में शामिल हुए थे, मगर कुछ कारणों से इनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सका। हाईकोर्ट के आदेश पर बाद में परिणाम घोषित किया गया।
इस दौरान उपरोक्त पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी। अब इन अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आवेदन प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है।
शिक्षामित्रों का समायोजन भी एक मुद्दा
प्रदेश के करीब पौने दो लाख शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने केंद्र और प्रदेश सरकार सहित सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है।
इस मामले को पूर्व से दाखिल याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया है। याचिकाओं पर 21 जुलाई को सुनवाई होगी।
आनंद कुमार यादव और अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल सुनवाई कर रहे हैं। याचिका में प्रदेश सरकार द्वारा 19 जून 2014 को जारी शासनादेश को चुनौती दी गई है।