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UP: 71 साल के पति... 65 की बीवी, शादी के 50 वर्ष बाद तलाक; गुरुप्रसाद-रामदेई के बीच क्यों आई दरार? पूरी कहानी

Sat, 06 Sep 2025 08:23 AM IST
शाहरुख खान अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 06 Sep 2025 08:23 AM IST
सार

यूपी की राजधानी लखनऊ से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शादी के 50 साल बाद बुजुर्ग दंपती के बीच तलाक हुआ है। 1975 में गुरुप्रसाद और रमदेई का विवाह हुआ था। मनमुटाव के बाद 1990 से दोनों अलग रह रहे थे। 2009 से परिवार न्यायालय में वाद चल रहा था। 

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71 year old husband and 65 year old wife divorce after 50 years of marriage in lucknow
शादी के 50 साल बाद तलाक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दांपत्य जीवन में आपसी कहासुनी, मनमुटाव और नोकझोंक तो लगी रहती है। कई बार विवाद ज्यादा बढ़ने पर मामला तलाक तक पहुंच जाता है। अमूमन ऐसे मामले शादी के पांच-सात वर्ष के अंदर आते हैं। 
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राजधानी में 71 वर्षीय बुजुर्ग और 65 वर्षीय पत्नी के बीच शादी के 50 साल बात तलाक का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इन दोनों के बीच लंबे समय तक पारिवारिक न्यायालय में वाद चला। 
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न्यायालय की ओर से दोनों पक्षों को साथ रहने के लिए रजामंद करने की भरसक कोशिश की गई, लेकिन सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं। काकोरी के ग्राम कटौली के निवासी गुरुप्रसाद और मलिहाबाद के ग्राम ईशापुर की निवासी रमदेई का विवाह 1975 में हुआ था। 
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शादी के कुछ साल तक सब कुठ ठीक-ठाक चला, लेकिन बाद में छोटी-छोटी बातों पर कहासुनी शुरू हो गई। 14 साल तक साथ रहने के बाद भी दोनों को कोई संतान नहीं हुई।

1990 से अलग रह रहे थे दोनों
1990 में मनमुटाव इतना बढ़ा कि रमदेई अपने मायके में रहने लगीं। दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। यह मामला 2009 में पारिवारिक न्यायालय पहुंचा। दोनों पक्ष साथ रहने के लिए राजी नहीं हुए। 

 

26 मार्च 2025 को न्यायालय अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विवाह विच्छेद का निर्णय सुनाया। अमर उजाला की टीम ने गुरुप्रसाद और रमदेई से उनके घर पहुंच संपर्क किया। 

गुरुप्रसाद ने कई बार रमदेई को साथ रखने की सहमति दी
गुरुप्रसाद का कहना था कि उन्होंने कई बार रमदेई को साथ रखने की सहमति दी, लेकिन उनकी तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। वहीं, रमदेई और उनके भाई का कहना है कि 1990 के बाद से कभी भी गुरुप्रसाद ने उन्हें साथ रखने की बात नहीं की। 

'आर्थिक रूप से कोई मदद भी नहीं मिली'
रमदेई का कहना है कि इतने वर्षों से मैं अपने भाई के पास रह रही हूं। बुढ़ापे का कोई सहारा भी नहीं है। आर्थिक रूप से कोई मदद भी नहीं मिली। गुजारा भत्ता भी कुछ समय ही मिला। अब तो पूरी उम्र गुजर गई, भला किससे गुहार लगाऊं।

रमदेई के भाई ने लगाया आरोप... जमीन में भी नहीं दिया हिस्सा
रमदेई के भाई बालकराम ने आरोप लगाया कि गुरुप्रसाद ने मेरी बहन को अपनी जायदाद में से कुछ भी नहीं दिया। गुजारा भत्ता भी कुछ माह ही मिला। भाई ने कहा कि गुरुप्रसाद के पास कई बीघा जमीन है, लेकिन उन्होंने उसमें से भी मेरी बहन को कुछ नहीं दिया। बालकराम ने कहा कि हम लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन एक बार फिर से न्यायालय से गुजारा भत्ता के लिए गुहार जरूर लगाएंगे।
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