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Lucknow News: 70 लोगों ने लगवाया एंटी रेबीज का टीका
Tue, 04 Mar 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:53 PM IST
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गिलौला (श्रावस्ती)। मौसम में परिवर्तन के साथ ही कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं। ये आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में मंगलवार सीएचसी गिलौला में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने 70 लोग पहुंचे।
सीएचसी गिलौला में गांव रानीपुर काजी निवासी सोनी देवी, कटहा निवासी फरमान व शबाना, सिटकहना निवासी अजय, गिलौल निवासी समर जीत, डिकरा निवासी नीरज, आनंद व शिवा, हरनामार निवासी किशन, भिटौरा निवासी अंजनी, कैथौली निवासी शांति देवी, रायपुर बिलेला निवासी सुनीता, भिखारीपुर मसढी निवासी बउरी देवी, तिलकपुर निवासी ननकू, महेश व पलटू को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। इन सभी का कहना था कि उन्हें अलग-अलग समय में अलग-अलग जगहों पर कुत्ते ने काटा था। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि कुत्ते आक्रामक हो चुके हैं। बिना छेड़े ही हमलावर हो जाते हैं।
सीएचसी गिलौला के डॉ. पवन सिंह ने बताया कि मंगलवार को 70 लोगों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है। लोगों को आवारा जानवरों से बचना चाहिए। कुत्ता, बिल्ली, बंदर, सियार, भेड़िया, लोमड़ी जैसे जानवरों की लार में रेबीज होता है। इनके काटने पर घबराएं नहीं, घाव को तुरंत साबुन से धुलें। साबुन नहीं है तो पानी से धुलने के बाद खुला छोड़ दें। इससे लार के रेबीज खून में नहीं मिलेंगे और खतरा कम हो जाएगा। पीड़ित को बाद में नजदीकी अस्पताल जाकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाना चाहिए। (संवाद)
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सीएचसी गिलौला में गांव रानीपुर काजी निवासी सोनी देवी, कटहा निवासी फरमान व शबाना, सिटकहना निवासी अजय, गिलौल निवासी समर जीत, डिकरा निवासी नीरज, आनंद व शिवा, हरनामार निवासी किशन, भिटौरा निवासी अंजनी, कैथौली निवासी शांति देवी, रायपुर बिलेला निवासी सुनीता, भिखारीपुर मसढी निवासी बउरी देवी, तिलकपुर निवासी ननकू, महेश व पलटू को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। इन सभी का कहना था कि उन्हें अलग-अलग समय में अलग-अलग जगहों पर कुत्ते ने काटा था। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि कुत्ते आक्रामक हो चुके हैं। बिना छेड़े ही हमलावर हो जाते हैं।
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सीएचसी गिलौला के डॉ. पवन सिंह ने बताया कि मंगलवार को 70 लोगों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है। लोगों को आवारा जानवरों से बचना चाहिए। कुत्ता, बिल्ली, बंदर, सियार, भेड़िया, लोमड़ी जैसे जानवरों की लार में रेबीज होता है। इनके काटने पर घबराएं नहीं, घाव को तुरंत साबुन से धुलें। साबुन नहीं है तो पानी से धुलने के बाद खुला छोड़ दें। इससे लार के रेबीज खून में नहीं मिलेंगे और खतरा कम हो जाएगा। पीड़ित को बाद में नजदीकी अस्पताल जाकर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाना चाहिए। (संवाद)
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