लखनऊ : 70 लाख दोस्त को दिए थे, तनाव में पत्नी के सिर पर गोली मारकर की खुदकुशी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 26 Aug 2020 10:06 PM IST
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shoot - फोटो : amar ujala

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लखनऊ में नाका के पानदरीबा ब्लंट स्क्वॉयर इलाके में मंगलवार आधी रात शराब के नशे में धुत 45 वर्षीय कारोबारी अनुरूप सिंह ने लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी मधु को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। गोलियों की आवाज सुनकर आए उनके 15 वर्षीय बेटे आर्यन ने रोना-चीखना शुरू किया तब परिवारीजनों को जानकारी मिली। दोनों को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने अनुरूप सिंह को मृत घोषित कर दिया गया। मधु के सिर पर गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस घटना के पीछे घरेलू कलह को वजह मान रही है जबकि परिवारीजनों ने कोरोना की वजह से आर्थिक तंगी और उधारी की रकम वापस न मिलने के अवसाद को कारण बताया है।
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इंस्पेक्टर सुजीत दुबे ने बताया कि अनुरूप सिंह की ट्रांसपोर्ट कंपनी थी जिसमें काफी घाटा होने के चलते उसे बंद कर दिया था। वह ब्लंट स्क्वॉयर में अपने भाइयों के साथ आलीशान मकान में पत्नी व छोटे बेटे आर्यन के साथ रहते थे। आर्यन एक निजी स्कूल में कक्षा 10 का छात्र है जबकि उनका बड़ा बेटा आदित्य कनाडा में रहकर नौकरी कर रहा है। काम बंद होने के बाद से वह शराब के लती हो गए थे। अक्सर शराब पीने को लेकर उनका पत्नी से झगड़ा होता था। मंगलवार रात भी वह शराब पीकर घर आए जिस पर पत्नी से कहासुनी हुई। पुलिस के मुताबिक रात को दोनों के बीच कई बार झगड़ा हुआ था। रात करीब एक बजे झगड़े के बाद उन्होंने मधु के सिर पर गोली मार दी। मधु लहूलुहान होकर गिर पड़ी तो घबराए अनुरूप सिंह ने उसी लाइसेंसी पिस्टल से अपनी कनपटी पर गोली चला दी। गोलियों की आवाज सुनकर बगल के कमरे में सो रहा बेटा आर्यन आया और नजारा देखकर चीखने-रोने लगा। अनुरूप के भाई व आसपास के लोग मौके पर आ गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया जहां अनुरूप की मौत हो गई। पुलिस उनकी पिस्टल जब्त कर जांच कर रही है।
उधार वापस न मिलने से थे तनावग्रस्त
अनुरूप के परिवारीजनों ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले कन्नौज निवासी अपने दोस्त धर्मेंद्र यादव को 70 लाख रुपये उधार दिए थे। यह रकम धर्मेंद्र वापस नहीं कर रहा था जिसकी वजह से वह काफी परेशान थे और अवसाद में रहने लगे थे। उनका प्लान था कि धर्मेंद्र से रुपया वापस मिलते ही वह पत्नी और बेटे आर्यन के साथ बड़े बेटे के पास कनाडा चले लाएंगे। काफी दबाव डालने पर धर्मेंद्र यादव ने बीते वर्ष दिसंबर में चेक दी जो बाउंस हो गई। अनुरूप ने इस मामले में धर्मेंद्र के खिलाफ चेक बाउंस का केस भी दायर किया था। परिवारीजनों ने धर्मेंद्र की वजह से अवसाद में होने की बात कहते हुए उस पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।

ट्रांसपोर्ट कंपनी बंद कर शाहजहांपुर में कर रहे थे फार्मिंग
अनुरूप सिंह ने करीब तीन साल पहले घाटे में चल रही अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी बंद कर दी थी। फिलवक्त वह शाहजहांपुर में अपने फार्म हाउस में खेती-बाड़ी करते थे। अनुरूप सिंह काफी समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके बड़े भाई सेना में बड़े पद पर हैं।
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