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69,000 सहायक शिक्षक भर्ती: यूपी सरकार का दावा, 70 फीसदी अभ्यर्थी आरक्षित वर्ग से चयनित हुए
Wed, 07 Feb 2024 10:56 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Feb 2024 10:56 PM IST
सार
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस भर्ती की आड़ में विपक्ष सत्तापक्ष को आरक्षण विरोधी बताने का षडयंत्र करता है। उन्होंने ओबीसी और मेरिट के आधार पर चुने गए अभ्यर्थियों की संख्या भी बताई।
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सदन में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि 69,000 शिक्षक भर्ती में 70.58 फीसदी अभ्यर्थी आरक्षित वर्ग से चयनित हुए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस भर्ती की आड़ में सत्ता पक्ष को आरक्षण विरोधी बताने का षडयंत्र करता है।
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विधानसभा में सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने 69,000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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इस पर सुरेश खन्ना ने कहा कि इस भर्ती में 31,228 अभ्यर्थी ओबीसी के चयनित हुए हैं। इनमें 12360 आरक्षित पदों पर और 18,598 मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं। उन्होंने कहा कि 17,260 अभ्यर्थी अनुसूचित जाति और 211 अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यह मामला अभी उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश के अनुसार सरकार कार्यवाही करेगी।
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राजभर और ओमवेश का मोबाइल लिया
विधानसभा में नियमों का उल्लंघन कर मोबाइल लेकर पहुंचे सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और सपा विधायक स्वामी ओमवेश का मोबाइल विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर जमा कर लिया गया। प्रश्नकाल में स्वामी ओमवेश जब सवाल कर रहे थे उनका मोबाइल वाइब्रेट होने लगा। इससे माइक और स्पीकर में रुकावट हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने उनका मोबाइल जमा करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार प्रश्नकाल के बाद ओमप्रकाश राजभर के मोबाइल की घंटी बजने लगी तो महाना ने उनका भी मोबाइल जमा करा लिया।