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हुनरमंद हाथों की कला को सम्मान: पद्मश्री श्याम शर्मा को मिला अकादमी का सर्वोच्च अधिसदस्यता सम्मान
Sat, 08 Feb 2025 10:21 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 08 Feb 2025 10:21 PM IST
सार
राज्य ललित कला अकादमी के 64वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में 37 कलाकारों को सम्मानित किया गया। आयोजन में पद्मश्री श्याम शर्मा को सर्वोच्च अधिसदस्यता सम्मान दिया गया।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
राज्य ललित कला अकादमी की ओर से 64वें स्थापना दिवस पर शनिवार को लाल बारादरी भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विधाओं के कुल 37 कलाकारों को सम्मानित किया गया। इनमें से छह लखनऊ से हैं। अकादमी का सर्वोच्च ‘अधिसदस्यता सम्मान’ 22 वर्ष बाद इस बार देश के प्रसिद्ध छापा कलाकार पद्मश्री श्याम शर्मा को दिया गया। उन्हें 51 हजार रुपये की सम्मान राशि, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र दिया गया।
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महाकुंभ पर आधारित अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी 2024-25 में पुरस्कृत दस कलाकारों को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार, स्मृति चिह्न व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें लखनऊ से उमेंद्र प्रताप सिंह (चित्र), अनूप कुमार सिंह (रेखांकन) और त्रिभुवन कुमार (ग्राफिक) शामिल रहे। पंचम राज्य व्यावहारिक कला प्रदर्शनी 2024-25 में पुरस्कृत कलाकारों को 20-20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इनमें लखनऊ से अतुल हुन्डू शामिल रहे। वहीं, क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में पुरस्कृत 21 कलाकारों को 10-10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इनमें लखनऊ से रश्मि श्रीवास्तव (चित्र) और सुषमा पाल (मूर्तिकला) शामिल रहीं। इस अवसर पर भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अकादमी की ओर से संचालित बीवीए (चित्रकला) के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की कृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। अकादमी में संग्रहीत कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी अकादमी की वीथिकाओं में सजी।
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फरमाइशी कार्यक्रम अपनी जगह, कलात्मक आयोजन जरूर करें
सम्मान समारोह में पद्मश्री श्याम शर्मा ने कहा कि राज्य ललित कला अकादमी का गौरवशाली इतिहास रहा है। इसकी गरिमा फिर से स्थापित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि फरमाइशी कार्यक्रम अपनी जगह हैं, लेकिन कलात्मक आयोजन जरूर करते रहिए, यही अकादमी की पहचान रही है।
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कलाकार समाज का दर्पण : गौड़
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि व संस्कार भारती के अखिल भारतीय संरक्षक बांकेलाल गौड़ ने कहा कि कलाकार अपने संपूर्ण जीवन को तपस्या के रूप में आहूत करने के बाद ही प्रभावित करने वाली कलाकृति का सृजन कर पाता है। वह समाज का दर्पण होता है। कलाकारों को ऐसी कृतियों का सृजन करना चाहिए, जिससे समाज प्रेरणा प्राप्त कर सके। विशिष्ट अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष सीताराम कश्यप ने कहा कि अकादमी के इतिहास में यह पहला आयोजन है, जब एक साथ इतने कलाकार पुरस्कृत किए गए। इस मौके पर पद्मश्री श्याम शर्मा के मोनोग्राफ का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर निदेशक श्रद्धा शुक्ला, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र, वरिष्ठ कलाकार रंगकर्मी डॉ. अनिल रस्तोगी, अखिलेश निगम, पृथ्वीपाल सिंह, मो. शकील, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. संदीप श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
अकादमी में हो रहा बीवीए (चित्रकला) का संचालन
निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि अकादमी ने एक वर्ष में करीब 60 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। संस्कृति विभाग के निर्देशन में लगभग 40 मूर्तियां प्रदेश भर में स्थापित की जा रही हैं। अकादमी ने रामोत्सव-2024, अयोध्या में रेत शिल्प कार्यशाला में विश्व रिकार्ड अपने नाम दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि राज्य ललित कला अकादमी पहली अकादमी है जिसमें कलाकारों के नवोदय व उत्थान के लिए नियमित पाठ्यक्रम बीवीए (चित्रकला) का संचालन किया जा रहा है।
इन कलाकारों को मिला 50-50 हजार का पुरस्कार
महाकुंभ पर आधारित अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी 2024-25 में पुरस्कृत दस कलाकारों को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार, स्मृति चिह्न व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें मनीष गोंड, हिमाचल प्रदेश (चित्र), उमेंद्र प्रताप सिंह, लखनऊ (चित्र), नेहा कुमारी, वाराणसी (चित्र), जय गुप्ता, वाराणसी (चित्र), सुमित कुमार ठाकुर, कानपुर (चित्र), प्रीति, दिल्ली (चित्र), अनूप कुमार सिंह, लखनऊ (रेखांकन), त्रिभुवन कुमार, लखनऊ (ग्राफिक), मनोज कुमार, गोरखपुर (मूर्ति), सुशील कुमार भीम, जौनपुर (मूर्ति) के नाम शामिल हैं।
पांच कलाकारों को 20-20 हजार का पुरस्कार
पंचम राज्य व्यावहारिक कला प्रदर्शनी 2024-25 में पुरस्कृत कलाकार सुनील कुमार-अयोध्या, अतुल हुन्डू-लखनऊ, शुभम कुमार चौहान-वाराणसी, सत्यम विश्वकर्मा-वाराणसी, कैलाश सोनी-देवास, मध्य प्रदेश को 20-20 हजार रुपये पुरस्कार धनराशि, स्मृति चिह्न, प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
21 कलाकारों को 10-10 हजार का पुरस्कार
अकादमी की ओर से आयोजित क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में पुरस्कृत 21 कलाकारों को 10-10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। इन कलाकारों में डॉ. दुर्जन सिंह-बुलंदशहर (चित्र), यशस्वी मेरठ (चित्र), शगुफ्ता-मुजफ्फरनगर (चित्र), अनुल शर्मा-आगरा (ग्राफिक्स), कमलेश्वर शर्मा-मथुरा (चित्र), ऋषभ प्रताप सिंह-आगरा (टेराकोटा), रश्मि श्रीवास्तव लखनऊ (चित्र), शिवम सिंह प्रजापति-प्रयागराज (मूर्तिकला), सुषमा पाल-लखनऊ (मूर्तिकला), बलदाव जी वर्मा-वाराणसी (चित्र), अक्षत कुमार सिंह-जौनपुर (चित्र), संतोष कुमार-वाराणसी (मूर्ति), महेश कुमार वर्मा बस्ती (मूर्ति), विनय कुमार-महाराजगंज (चित्र), विवेक कुमार साहनी गोरखपुर (चित्र), श्रुति वर्मा-बरेली (चित्र), अमन अग्रवाल बरेली (चित्र), विनोद कुमार रामपुर (चित्र), सुमित ठाकुर-कानपुर
(चित्र), सुबोध पाल कानपुर (ड्रॉइंग), समीक्षा द्विवेदी-कानपुर (कोलाज) के नाम शामिल हैं।