{"_id":"68b3e994906ac35499067b4f","slug":"64-students-admission-cancelled-after-they-made-fake-certificates-using-fake-sign-seal-and-letter-number-of-dm-2025-08-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP में बड़ा Scam: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित के फेक सर्टिफिकेट से MBBS में एडमिशन, खुलासे से हिल गए अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP में बड़ा Scam: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित के फेक सर्टिफिकेट से MBBS में एडमिशन, खुलासे से हिल गए अफसर
Sun, 31 Aug 2025 11:50 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 31 Aug 2025 11:50 AM IST
सार
एमबीबीएस में दाखिले में फर्जीवाड़ा ने अधिकारियों की आंखें खोल दीं। डीएम के फेक साइन, मुहर व पत्रांक दर्ज करके स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाणपत्र बनाया गया। इसके बाद दाखिला आसानी से मिल गया। खुलासा हुआ तो अफसर हिल गए। अब 64 छात्रों के दाखिले निरस्त किए गए हैं।
विज्ञापन
MBBS Student (Demo)
- फोटो : Freepik
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित उपश्रेणी के फर्जी प्रमाणपत्रों को लगाकर एमबीबीएस में दाखिला लेने वालों छात्रों की जांच में नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि प्रमाणपत्रों पर बारीकी से जिलाधिकारियों के हस्ताक्षर किए गए। साथ ही मुहर लगाने के साथ ही पत्रांक भी दर्ज कर दिया।
विज्ञापन
ऑनलाइन नीट काउंसिलिंग के दौरान पुख्ता व्यवस्था करने का दावा किया गया था। हर स्तर पर चेकलिस्ट बनाई गई थी, लेकिन काउंसिलिंग में धांधली करने वाले रैकेट ने इस बार भी सेंध लगा दी। खास बात यह है कि अभी तक जाति एवं अन्य तरह के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी नहीं मिली है, लेकिन इनकी भी नए सिरे से जांच शुरू हो गई है।
विज्ञापन
71 छात्रों ने दाखिला भी ले लिया था
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों की संख्या कम होती है। ऐसे में इस पर ध्यान भी कम जाता है। फर्जी तरीके से दाखिला कराने वाले रैकेट ने इस वर्ष इसी प्रमाणपत्र पर फोकस किया। यही वजह है कि 79 छात्रों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित उपश्रेणी के प्रमाण पत्रों को लगाया। इनमें 71 ने दाखिला भी ले लिया था।अब इसमें 64 के दाखिले निरस्त कर दिए गए हैं। अन्य की जांच चल रही है। जिलाधिकारियों ने चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को भेजी रिपोर्ट में साफ कहा है कि प्रमाणपत्रों में जिलाधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी हैं।
प्रमाणपत्र अलग-अलग तिथि में जारी किए गए हैं। इन पर मुहर भी लगा दी गई है। फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वालों ने इस बात ध्यान रखा है कि जिस तिथि में प्रमाणपत्र जारी हो रहा है, उस वक्त संबंधित जिले में जिलाधिकारी कौन है? उसी हिसाब से हस्ताक्षर बनाया है।