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प्रदेश के 62 निष्प्रयोज्य कानून और खत्म होंगे, निरसन विधेयक-2020 को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन दी मंजूरी
Sat, 22 Aug 2020 03:45 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 22 Aug 2020 03:45 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
प्रदेश सरकार ने यूपी निरसन विधेयक, 2020 को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है। इसके जरिए 62 निष्प्रयोज्य कानून को समाप्त किया जा रहा है। अब इस विधेयक को राज्य विधानमंडल में पेश किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने केंद्र की तरह राज्य में अप्रचलित व अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करने की कार्यवाही शुरू की है।
राज्य विधि आयोग ने 1289 अधिनियमों को समाप्त करने की संस्तुति की है। अब तक 347 कानूनों को समाप्त किया जा चुका है। 62 और अधिनियमों को समाप्त करने के लिए यूपी निरसन विधेयक, 2020 लाया जा रहा है। इसे कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। इसमें किशोरबंदी अधिनियम-1951, सहकारी समिति संशोधन अधिनियम-1972, पशुक्रय कर अधिनियम-1976 व यूपी गुंडा नियंत्रण संशोधन अधिनियम, 1983 सहित 62 कानून शामिल हैं।
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राज्य विधि आयोग ने 1289 अधिनियमों को समाप्त करने की संस्तुति की है। अब तक 347 कानूनों को समाप्त किया जा चुका है। 62 और अधिनियमों को समाप्त करने के लिए यूपी निरसन विधेयक, 2020 लाया जा रहा है। इसे कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है। इसमें किशोरबंदी अधिनियम-1951, सहकारी समिति संशोधन अधिनियम-1972, पशुक्रय कर अधिनियम-1976 व यूपी गुंडा नियंत्रण संशोधन अधिनियम, 1983 सहित 62 कानून शामिल हैं।
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