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भारत और नेपाल के बहीच बस सेवा ऐतिहासिक
Updated Sun, 13 May 2018 01:16 AM IST
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अयोध्या। भारत और नेपाल के बीच शुरू हुई बस सेवा ऐतिहासिक क्षण है। जनकपुर-अयोध्या को, काशी-वाराणसी को काठमांडू के साथ बस सेवा से सीधे जोड़ा जाए यह बात आजतक किसी ने नहीं सोची। यह केवल मोदी जी के समय में ही संभव हो पाया है।
इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन करते हैं। जब भगवान राम जनकपुर गए थे, उस समय की परिस्थितियां कैसे रहीं हाेंगी और हजारों वर्षों के बाद जब जनकपुर से अयोध्या बस सेवा शुरू हुई तो आज की परिस्थितियों में कितना अंतर आया है। यह बातें शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां रामकथा पार्क में जनकपुर से अयोध्या पहुंची सीधी बस सेवा के यात्रियों का स्वागत करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या-जनकपुर सीधी बस सेवा के लिए पहले नेपाल और भारत के पीएम का आभार व्यक्त करता हूं। भारत-नेपाल के संबंधों को प्रधानमंत्री जी ने नया आयाम दिया है। हमें खुशी है कि सांस्कृतिक संबंधों की एक नई कड़ी आज से शुरू हो रही है। अयोध्या-जनकपुरधाम बस सेवा दोनों राष्ट्रों के संबंधों को और मजबूत करेगी, साथ ही विकास की यात्रा भी आरंभ होगी।
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कहा कि समय बदला है, परिस्थितियां बदली हैं, लोग बदले हैं लेकिन हमारे सांस्कृतिक संबंध आज भी अटूट बने हुए हैं जो हजारों वर्ष पहले राजा दशरथ और जनक जी के समय थे। यह हम सब के लिए ऐतिहासिक क्षण है। नेपाल और भारत के सांस्कृतिक संबंधों को कभी भी अलग नहीं किया जा सकता। पशुपतिनाथ और काशी विश्वनाथ के मंदिर, अयोध्या का जनकपुर से संबंध ऐसे अनेक कड़िया भारत को नेपाल के साथ जोड़ती हैं।
ये सांस्कृतिक संबंध राजनीति संबंधों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ाने का काम किया है। दोनों देशों के सुख दुख में सहभागी बनने में भी यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अयोध्या-जनकपुर व काठमांडू-वाराणसी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को विकास के साथ जोड़ने पर काम होगा। भारत और नेपाल एक दूसरे के सहयोगी बन सकें, इस दृष्टि से यह बस सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल से आए हुए अतिथियों का अयोध्या में अभिनंदन है, अतिथियों को अयोध्या की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा की जानकारी होगी, मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। अतिथि देवो भव की परंपरा को नया आयाम देने का प्रयास है। कहा कि हमने पिछले वर्ष भव्य दीपोत्सव आयोजित किया था।
दीपावली का पर्व अयोध्या के पहचान को पुर्नस्थापित करने की कड़ी का एक हिस्सा था। उस दौरान 133 करोड़ की योजनाओं का भी शुभारंभ किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने राम-जानकी मार्ग को पूर्ण करने का जिम्मा भी लिया है। मार्ग बन जाने पर जनकपुर से अयोध्या पहुंचने में 10 से 12 घंटे की जगह मात्र 6 से 7 घंटे ही लगेंगे।
कहा कि रामायण सर्किंट से अयोध्या व जनकपुर के बीच के प्रमुख स्थलों का सुंदरीकरण होगा। कहा कि इस वर्ष दीपोत्सव को भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है पिछले वर्ष करीब 6 देशों की रामलीलाएं हुई हैँ, इस वर्ष इसे भव्यता प्रदान करने का काम किया जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने द्वीप प्रज्वलित कर स्वागत समारोह का उद्घाटन किया।
मंच पर मंचस्थ संतों एवं नेपाल से आए अतिथियों का भी स्वागत किया गया। नेपाली भाषा में मुद्रित रामचरितमानस एवं अंगवस्त्र देकर नेपाली मेहमानों का स्वागत सत्कार हुआ। स्वागत करते हुए सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपा से अयोध्या को पुन: त्रेतायुग का दृश्य का एहसास कराने का अवसर अयोध्या वासियों को हुआ है।
अयोध्या और जनकपुर का आंतरिक संबंध और इस बस सेवा से अयोध्या और जनकपुर के सांस्कृतिक संबंध मजबूत होगें। लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूती देने का कार्य रहे है। आभार जताते हुए नगर विधायक वेद गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या के विकास को लेकर कटिबद्ध है।
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इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन करते हैं। जब भगवान राम जनकपुर गए थे, उस समय की परिस्थितियां कैसे रहीं हाेंगी और हजारों वर्षों के बाद जब जनकपुर से अयोध्या बस सेवा शुरू हुई तो आज की परिस्थितियों में कितना अंतर आया है। यह बातें शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां रामकथा पार्क में जनकपुर से अयोध्या पहुंची सीधी बस सेवा के यात्रियों का स्वागत करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में कही।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या-जनकपुर सीधी बस सेवा के लिए पहले नेपाल और भारत के पीएम का आभार व्यक्त करता हूं। भारत-नेपाल के संबंधों को प्रधानमंत्री जी ने नया आयाम दिया है। हमें खुशी है कि सांस्कृतिक संबंधों की एक नई कड़ी आज से शुरू हो रही है। अयोध्या-जनकपुरधाम बस सेवा दोनों राष्ट्रों के संबंधों को और मजबूत करेगी, साथ ही विकास की यात्रा भी आरंभ होगी।
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कहा कि समय बदला है, परिस्थितियां बदली हैं, लोग बदले हैं लेकिन हमारे सांस्कृतिक संबंध आज भी अटूट बने हुए हैं जो हजारों वर्ष पहले राजा दशरथ और जनक जी के समय थे। यह हम सब के लिए ऐतिहासिक क्षण है। नेपाल और भारत के सांस्कृतिक संबंधों को कभी भी अलग नहीं किया जा सकता। पशुपतिनाथ और काशी विश्वनाथ के मंदिर, अयोध्या का जनकपुर से संबंध ऐसे अनेक कड़िया भारत को नेपाल के साथ जोड़ती हैं।
ये सांस्कृतिक संबंध राजनीति संबंधों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ाने का काम किया है। दोनों देशों के सुख दुख में सहभागी बनने में भी यह एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अयोध्या-जनकपुर व काठमांडू-वाराणसी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को विकास के साथ जोड़ने पर काम होगा। भारत और नेपाल एक दूसरे के सहयोगी बन सकें, इस दृष्टि से यह बस सेवा एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल से आए हुए अतिथियों का अयोध्या में अभिनंदन है, अतिथियों को अयोध्या की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा की जानकारी होगी, मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। अतिथि देवो भव की परंपरा को नया आयाम देने का प्रयास है। कहा कि हमने पिछले वर्ष भव्य दीपोत्सव आयोजित किया था।
दीपावली का पर्व अयोध्या के पहचान को पुर्नस्थापित करने की कड़ी का एक हिस्सा था। उस दौरान 133 करोड़ की योजनाओं का भी शुभारंभ किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने राम-जानकी मार्ग को पूर्ण करने का जिम्मा भी लिया है। मार्ग बन जाने पर जनकपुर से अयोध्या पहुंचने में 10 से 12 घंटे की जगह मात्र 6 से 7 घंटे ही लगेंगे।
कहा कि रामायण सर्किंट से अयोध्या व जनकपुर के बीच के प्रमुख स्थलों का सुंदरीकरण होगा। कहा कि इस वर्ष दीपोत्सव को भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है पिछले वर्ष करीब 6 देशों की रामलीलाएं हुई हैँ, इस वर्ष इसे भव्यता प्रदान करने का काम किया जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने द्वीप प्रज्वलित कर स्वागत समारोह का उद्घाटन किया।
मंच पर मंचस्थ संतों एवं नेपाल से आए अतिथियों का भी स्वागत किया गया। नेपाली भाषा में मुद्रित रामचरितमानस एवं अंगवस्त्र देकर नेपाली मेहमानों का स्वागत सत्कार हुआ। स्वागत करते हुए सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कृपा से अयोध्या को पुन: त्रेतायुग का दृश्य का एहसास कराने का अवसर अयोध्या वासियों को हुआ है।
अयोध्या और जनकपुर का आंतरिक संबंध और इस बस सेवा से अयोध्या और जनकपुर के सांस्कृतिक संबंध मजबूत होगें। लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूती देने का कार्य रहे है। आभार जताते हुए नगर विधायक वेद गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या के विकास को लेकर कटिबद्ध है।