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लर्निंग आउटकम की पहली परीक्षा में शामिल हुए 55 लाख बच्चे, डेढ़ लाख से अधिक स्कूलों में हुई परीक्षा

Fri, 08 Nov 2019 08:27 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 08 Nov 2019 08:27 PM IST
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55 lakh student from across the state participated in the first examination of Learning Outcome
लर्निंग आउटकम परीक्षा में शामिल विद्यार्थी। - फोटो : अमर उजाला

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में पांचवी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों में पढ़ाई की गुणवत्ता जांचने के लिए लर्निंग आउटकम की पहली परीक्षा शुक्रवार को हुई। यह परीक्षा प्रदेश भर के एक लाख 58 हजार 914 स्कूलों में हुई, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शामिल थे।

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इस परीक्षा में प्रदेश भर के 54 लाख 49 हजार 186 बच्चे शामिल हुए। परीक्षा में बच्चों को शत-प्रतिशत भागीदारी के लिए विभाग की ओर से अभिभावकों से अपील की गई थी। लर्निंग आउटकम परीक्षा में हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान व सामाजिक विषय में सवाल पूछे गए थे।  सभी बच्चों का कक्षावार व विषयवार परिणाम 25 नवंबर तक प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करने की तैयारी है।
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वहीं दूसरे चरण की परीक्षा फरवरी माह में होगी। परीक्षा का जायजा लेने के लिए शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने जनपद कुशीनगर के विकासखंड हाटा के प्राथमिक विद्यालय हाटा एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हाटा का अनुश्रवण किया। उन्होंने लर्निंग आउटकम की परीक्षा आयोजित करने के लिए व्यवस्था की सराहना की।
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बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेनुका कुमार ने लखनऊ जनपद के नगर क्षेत्र के प्राथमिक एंव उच्च प्राथमिक विद्यायल, जियामऊ, प्राथमिक विद्यालय कैबिनेटगंज, प्राथमिक विद्यालय नाही व प्राथमिक विद्यायल राजभवन का निरीक्षण किया।

ब्लॉक संसाधन केंद्रो पर पूरी हो चुकी है तैयारी
सभी बच्चों की डाटा एंट्री 880 ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहले ही पूरी कर ली गई थी। परीक्षा के बाद लर्निंग आउटकम के कोड के आधार पर बच्चों के प्राप्तांकों की फीडिंग कराई जाएगी। जो 25 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद डैशबोर्ड पर प्रत्येक बच्चा, विद्यालय, प्रत्येक जनपद का रिपोर्ट कार्ड देखा जा सकेगा। उसी के आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

नवंबर माह में डिजिटली उपलब्ध कराई जाएगी शिक्षण सामग्री

बच्चों की जरूरत के हिसाब से फाउंडेशन लर्निंग (आधार शिला) सामग्री विकसित किया गया है। जो आरंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 3) के भाषा और गणित में प्रत्येक लर्निंग आउटकम को प्राप्त करने में सहयोगी होगा। नवंबर माह में शिक्षण सामग्री फाउंडेशन लर्निंग (आधारशिला), रेमीडियल टीचिंग (ध्यानाकर्षण), एवं शिक्षण संग्रह (कम्पेन्डियम) मॉड्यूल का विमोचन किया जाएगा। तथा उपर्युक्त सामग्री डिजिटल रूप से उलपब्ध कराई जाएगी।

कक्षा 1 से 8 तक ऐसे भाषा एवं गणित में प्रत्येक लर्निंग आउटकम के सापेक्ष प्रगति में पिछड़ गए हैं उन्हें सीखने की मुख्य धारा में लाने के लिए रेमीडियल टीचिंग (ध्यानाकर्षण) के अंतर्गत शिक्षकों के प्रति प्रशिक्षण के उपरांत बच्चों को दक्ष बनाने के लिए मॉड्यूल तैयार किया गया है। शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरणा शिक्षण संग्रह तैयार किया गया है जिससे शिक्षण योजना के नमूने व शिक्षकों की संख्या में अनुसार समय सारिणी व अन्य शैक्षिक तकनीकि आदि शामिल हैं।

186 स्टेट रिसोर्स ग्रुप का हो चुका है प्रशिक्षण
राज्य स्तर पर 186 स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) के सदस्यों का सपोर्टिव सुपरविजन पर चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हो चुका है। यह प्रशिक्षण एसआरजी द्वारा जनपद में चयनित 5280 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का प्रशिक्षण किया जाएगा। एक एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा प्रतिमाह 30 विद्यालयों का सपोर्टिव सुपरविजन किया जाएगा।

इस प्रकार प्रतिमाह एक विकास खंड में कुल 180 विद्यालयों में जाकर सपोर्टिव सुपरविजन का कार्य किया जाएगा। इस प्रकार पूरे प्रदेश में प्रतिमाह 158400 विद्यालयों का सपोर्टिव सुपविजन संपन्न होगा। तीनों मॉड्यूल को विद्यालयों में लागू कराया जाएगा।

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