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हर-हर गंगे के साथ लगाई आस्था की डुबकी
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:48 PM IST
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हर-हर गंगे के साथ लगाई आस्था की डुबकी
रायबरेली-डलमऊ। चैत्र मास की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने अलग-अलग गंगा तटों पर आस्था की डुबकी लगाई। सबसे ज्यादा भीड़ डलमऊ के गंगा घाटों पर रही।
इसके अलावा ऊंचाहार के गोकना, सरेनी के रालपुर गंगा तट पर स्नानार्थियों का जमावड़ा रहा। स्नान करने के बाद गंगा तटों पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
डलमऊ के किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट, शुकुल घाट, महावीरन घाट पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ जमा हो गई।
स्नान करने के बाद तटों पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की। हिंदी वर्ष की प्रथम पूर्णिमा होने व महावीर जयंती होने के कारण गंगा घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
माना जाता है कि इस पूर्णिमा के स्नान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म दिवस होने कारण चैत्र माह की पूर्णिमा को जो भक्त मां गंगा में स्नान पूजन कर हनुमान जी की पूजा करता है उसके कष्ट दूर हो जाते हैं। उधर, ऊंचाहार के गोकना और सरेनी के रालपुर गंगा तट पर भीड़ उमड़ी।
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रायबरेली-डलमऊ। चैत्र मास की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने अलग-अलग गंगा तटों पर आस्था की डुबकी लगाई। सबसे ज्यादा भीड़ डलमऊ के गंगा घाटों पर रही।
इसके अलावा ऊंचाहार के गोकना, सरेनी के रालपुर गंगा तट पर स्नानार्थियों का जमावड़ा रहा। स्नान करने के बाद गंगा तटों पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
डलमऊ के किला घाट, सड़क घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकट मोचन घाट, पथवारी घाट, शुकुल घाट, महावीरन घाट पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ जमा हो गई।
स्नान करने के बाद तटों पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना की। हिंदी वर्ष की प्रथम पूर्णिमा होने व महावीर जयंती होने के कारण गंगा घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
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माना जाता है कि इस पूर्णिमा के स्नान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि हनुमान जी का जन्म दिवस होने कारण चैत्र माह की पूर्णिमा को जो भक्त मां गंगा में स्नान पूजन कर हनुमान जी की पूजा करता है उसके कष्ट दूर हो जाते हैं। उधर, ऊंचाहार के गोकना और सरेनी के रालपुर गंगा तट पर भीड़ उमड़ी।
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