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उमस
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:47 PM IST
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चिलचिलाती धूप ने किया परेशान
श्रावस्ती। तराई में विगत एक पखवारे से बरसात की बूंद नहीं गिरी। इससे धान की रोपाई का कार्य बाधित हो गया है। वहीं तराई में पानी के अभाव में खेतों में लगी धान की नर्सरी सूख रही है। सुबह से ही आग उगल रही सूरज की किरणें राहगीरों की राह रोक रही हैं। वहीं भीषण उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। ऐसे में हर किसी को राहत की फुहार का इंतजार है।
जिले में करीब एक पखवारे से बादलों की लुकाछिपी के बाद भी बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। वहीं भोर से ही आग उगल रही सूरज की किरणों के कारण मौसम का पारा बढ़ कर 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं बादलों की लुकाछिपी के कारण बढ़ी उमस से लोगों को न तो घर में चैन मिल रहा है और न ही घर के बाहर। कई दिनों से बरसात न होने के कारण बारिश की आस देख रहे किसान भी मायूस देखे जा रहे हैं। बरसात के अभाव में खेतों की नमी सूखने के कारण न सिर्फ धान की रोपाई का कार्य पूरी तरह से रुक चुका है। बल्कि तराई में लगी धान की नर्सरी भी सूख रही है। जिसे बचाने के लिए किसान परेशान हैं। वहीं उमस भरी गर्मी व चिलचिलाती धूप के कारण बाजार व मुख्य मार्ग सूने सूने दिखाई दे रहे हैं।
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श्रावस्ती। तराई में विगत एक पखवारे से बरसात की बूंद नहीं गिरी। इससे धान की रोपाई का कार्य बाधित हो गया है। वहीं तराई में पानी के अभाव में खेतों में लगी धान की नर्सरी सूख रही है। सुबह से ही आग उगल रही सूरज की किरणें राहगीरों की राह रोक रही हैं। वहीं भीषण उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। ऐसे में हर किसी को राहत की फुहार का इंतजार है।
जिले में करीब एक पखवारे से बादलों की लुकाछिपी के बाद भी बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। वहीं भोर से ही आग उगल रही सूरज की किरणों के कारण मौसम का पारा बढ़ कर 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं बादलों की लुकाछिपी के कारण बढ़ी उमस से लोगों को न तो घर में चैन मिल रहा है और न ही घर के बाहर। कई दिनों से बरसात न होने के कारण बारिश की आस देख रहे किसान भी मायूस देखे जा रहे हैं। बरसात के अभाव में खेतों की नमी सूखने के कारण न सिर्फ धान की रोपाई का कार्य पूरी तरह से रुक चुका है। बल्कि तराई में लगी धान की नर्सरी भी सूख रही है। जिसे बचाने के लिए किसान परेशान हैं। वहीं उमस भरी गर्मी व चिलचिलाती धूप के कारण बाजार व मुख्य मार्ग सूने सूने दिखाई दे रहे हैं।
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