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UP: भ्रष्टाचार में लिप्त मिले आवास विकास के 51 इंजीनियर, रिटायर हो चुके 15 पर कार्रवाई तय; पेंशन से होगी वसूली

Sat, 27 Dec 2025 08:37 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 27 Dec 2025 08:37 AM IST
सार

यूपी में आवास विकास के 51 इंजीनियर भ्रष्टाचार में लिप्त मिले। रिटायर हो चुके 15  इंजीनियरों पर कार्रवाई तय है। बोर्ड ने पेंशन से वसूली के आदेश दिए हैं। आगे पढ़ें पूरा मामला...

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51 Housing Development Engineers Found Involved in Corruption in UP 15 Retired Recovery to Made from Pensions
भ्रष्टाचार - फोटो : AI

विस्तार

उत्तर प्रदेश में आवास विकास परिषद में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के मामलों में 51 इंजीनियर दोषी पाए गए हैं। इनमें से सेवानिवृत्त 15 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई को शुक्रवार को हुई परिषद की बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी गई। शेष 36 इंजीनियरों के विरुद्ध जांच जारी है, जिन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में परिषद को करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि लखनऊ की वृंदावन योजना में जगत नारायण शुक्ला नामक व्यक्ति द्वारा फर्जी रिफंड लेने के कई मामले सामने आए हैं। प्रकरण की जांच जारी है और कुछ अधिकारियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। 
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व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन में अनियमितता पाए जाने पर प्रभारी संपत्ति प्रबंधक डीके शुक्ला से 1 करोड़ 21 लाख 77375 रुपये की क्षतिपूर्ति उनकी पेंशन से वसूली जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी कन्हई प्रसाद से 70 हजार रुपये, वरिष्ठ सहायक केएन सिंह से 1 करोड़ 21 लाख 77374 रुपये तथा कनिष्ठ लेखाधिकारी प्रमोद अग्रवाल से 9.70 लाख रुपये की वसूली पेंशन से की जाएगी।

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बीएसयूपी योजना में भ्रष्टाचार, दोषियों पर कार्रवाई

आगरा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बीएसयूपी (बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पुअर) योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। कालिंदी विहार योजना के द्वितीय पॉकेट में निर्मित 272 भवनों, सामुदायिक केंद्र और कियोस्क के निर्माण में गंभीर खामियां पाई गईं। आईआईटी रुड़की की जांच में घटिया निर्माण की पुष्टि हुई है। इस परियोजना पर कुल 5 करोड़ 25 लाख 55 हजार 589 रुपये खर्च किए गए थे।


निर्माण से जुड़े पांच इंजीनियरों से इस राशि की वसूली की जाएगी। अवर अभियंता एसके सिंह भदौरिया से 1.58 करोड़ रुपये की वसूली उनकी पेंशन में 50 प्रतिशत कटौती के माध्यम से की जाएगी। सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता नासिर हुसैन फाजिली, सहायक अभियंता राजीव कुमार यादव और अवर अभियंता गजेंद्र पाल दोषी पाए गए हैं, जिनकी पेंशन में 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी। 

इनसे होगी वसूली

सहायक अभियंता अनूप सचान त्रिपाठी और अवर अभियंता हरि शंकर सचान की पेंशन से छह वर्षों तक 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी, जबकि सहायक अभियंता अफसर अली की पेंशन से दो वर्षों तक पांच प्रतिशत कटौती होगी। इसके अलावा विद्युत संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता, सहायक अभियंता डीसी शुक्ला और डीआर मौर्या, अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह तथा अवर अभियंता यूसी मिश्रा की पेंशन से तीन वर्षों तक पांच प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया गया है।

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