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Lucknow News: 50 गांवों की बिजली रात भर गुल, 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप होने से पानी को तरसे ग्रामीण
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मोहनलालगंज। तेज हवा के झोंकों के कारण मोहनलालगंज उपकेंद्र की हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने के कारण 50 गांवों की बिजली गुल हो गई, जिससे एक लाख की आबादी को करीब 12 घंटे बिजली संकट झेलना पड़ा। रविवार सुबह लोगों को पानी के लिए भी तरसना पड़ा।
शनिवार रात करीब नौ बजे ओल्ड पावर हाउस के तहत सिसेंडी, कनकहा, फत्तेखंड समेत अन्य फीडर बंद हो गए, जिससे सिसेंडी, जबरौली, भदेसुवा, गनियार, कनकहा, गौरा, फत्तेखडा, भीलमपुर, सुल्सामऊ समेत 50 गांवों में अंधेरा हो गया। ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर शिकायत भी की, मगर आपूर्ति बहाल करने की कोशिश नहीं हुई। रविवार सुबह एक्सईएन एसके सिंह ने कर्मियों को फटकारा तो नौ बजे बिजली चालू हो सकी।
सिसेंडी के प्रदीप सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति ठप होने के एक घंटे के बाद ही उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराने के लिए करीब दो घंटे तक प्रयास करते रहे, मगर बात नहीं हो सकी। दरअसल, उपकेंद्र के कर्मचारी बिजली बंद होते ही मोबाइल फोन बंद कर देते हैं। इससे उपभोक्ता पूरी रात फोन मिलाते रहते हैं। उपभोक्ता अनूप मिश्रा ने बताया कि बिजली न आने के कारण गांव के सबमर्सिबल बंद रहे, जिससे सुबह जल संकट की भी स्थिति रही।
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शनिवार रात करीब नौ बजे ओल्ड पावर हाउस के तहत सिसेंडी, कनकहा, फत्तेखंड समेत अन्य फीडर बंद हो गए, जिससे सिसेंडी, जबरौली, भदेसुवा, गनियार, कनकहा, गौरा, फत्तेखडा, भीलमपुर, सुल्सामऊ समेत 50 गांवों में अंधेरा हो गया। ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर शिकायत भी की, मगर आपूर्ति बहाल करने की कोशिश नहीं हुई। रविवार सुबह एक्सईएन एसके सिंह ने कर्मियों को फटकारा तो नौ बजे बिजली चालू हो सकी।
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सिसेंडी के प्रदीप सिंह ने बताया कि बिजली आपूर्ति ठप होने के एक घंटे के बाद ही उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराने के लिए करीब दो घंटे तक प्रयास करते रहे, मगर बात नहीं हो सकी। दरअसल, उपकेंद्र के कर्मचारी बिजली बंद होते ही मोबाइल फोन बंद कर देते हैं। इससे उपभोक्ता पूरी रात फोन मिलाते रहते हैं। उपभोक्ता अनूप मिश्रा ने बताया कि बिजली न आने के कारण गांव के सबमर्सिबल बंद रहे, जिससे सुबह जल संकट की भी स्थिति रही।
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