फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   50% of mentally ill suffer from drug addiction

विश्व नशा निशेध दिवस आज : 50 फीसदी मानसिक रोगियों में नशे की लत

Thu, 26 Jun 2025 02:01 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 02:01 AM IST
विज्ञापन
50% of mentally ill suffer from drug addiction
लखनऊ। अलग-अलग रूप में लिया जाने वाला नशा व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर डाल रहा है। किंग जाॅर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले मनोरोगियों में 50 फीसदी किसी न किसी नशे के लती होते हैं। यह जानकारी मानसिक रोग विभाग के प्रोफेसर डाॅ. आदर्श त्रिपाठी ने दी।
विज्ञापन

प्रो. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी नशे का सीधा प्रभाव व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। केजीएमयू में आने वाले मानसिक रोगियों में तंबाकू का सेवन सबसे आम होता है। तंबाकू का मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद खराब प्रभाव होता है। इसके साथ ही शराब, चरस-गांजा, अफीम और कोकीन तक के लती भी ओपीडी में आते हैं।
विज्ञापन

इनकी वजह से कई बीमारी पैदा होती है। कई बार इनका सेवन बीमारी को बेहद गंभीर भी बना देता है। मानसिक रोग विभाग की हर ओपीडी में औसतन 200 मरीज होते हैं। सीधे तौर पर पर कहा जा सकता है कि इनमें से 50 फीसदी मरीज किसी न किसी नशे के आदी होते हैं। इसलिए नशे की लत पर काबू रखकर मानसिक समस्याओं से भी बचा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नशे की लत छुड़ाने के लिए विभाग में दो विशेष क्लीनिक
प्रो. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि नशे की लत छुड़ाने के लिए मानसिक रोग विभाग में रोजाना दो विशिष्ट क्लीनिक का संचालन होता है। इनमें से ड्रग सब्सटिट्यूशन थेरेपी (डीएसटी) क्लीनिक केंद्र सरकार के सहयोग से चलाई जाती है। यहां सभी प्रकार के नशे की लत छुड़ाने का प्रयास किया जाता है। इसी तरह नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नैको) के सहयोग से इंजेक्टिंग ड्रग्स यूजर्स (आईडीयू) का संचालन किया जाता है। इस क्लीनिक पर नशीले इंजेक्शन लेने वाले व्यक्तियों का इलाज किया जाता है। इनमें से काफी नशे के लती एचआईवी संक्रमित भी निकलते हैं।

स्वास्थ्य पर बुरा असर
केजीएमयू में मेडिसिन विभाग के डाॅ. डी. हिमांशु ने बताया कि नशे की वजह से दिल, फेफड़े, किडनी समेत लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचता है। शराब हमारे लिवर को खराब करती है। सिगरेट और तंबाकू फेफड़ों की समस्या के साथ ही कैंसर की बीमारी भी देती है। घबराहट के अलावा बीपी की समस्या भी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed