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आंधी से टूटे 400 खंभे, 18 लाख लोगों की बती गुल
Updated Thu, 14 Jun 2018 10:48 PM IST
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गोंडा। जिले में बुधवार देर शाम आई आंधी ने पावर कॉर्पोरेशन की कमर तोड़ दी है। पहले की आंधी में क्षतिग्रस्त बिजली के 500 खंभों को कॉर्पोरेशन अभी तक बदल भी नहीं सका था कि फिर आई आंधी में उसके 400 खंभे कई जगहों पर पेड़ और तार टूटकर गिरने से और धराशाई हो गए। जिसका नतीजा यह है कि जिले की 18 लाख आबादी की बत्ती गुल है। वहीं, पावर कॉर्पोरेशन के जिम्मेदारों का कहना है कि उनका पहला काम बिजलीघरों को जाने वाली 33 केवी लाइन बहाल करना है। जिसके बाद ही 11 केवी और एलटी लाइन के फॉल्ट को दुरुस्त किया जाएगा।
आंधी का सिलसिला बुधवार शाम 6.35 पर जैसे ही शुरू हुआ, सबसे पहले जेल रोड 220 केवी बिजलीघर से बलरामपुर जाने वाली 132 केवी की लाइन ट्रिप हुई, जिससे श्रावस्ती समेत पूरे बलरामपुर जिले की बिजली करीब दो घंटे तक गुल रही। जबकि इसी दौरान गोंडा जिले के सभी 25 बिजलीघरों की बत्ती आंधी के मद्देनजर काट दी गई। लेकिन आंधी का रुख रात 9 बजे के बाद जैसे ही कुछ नरम पड़ा और लाइनें फिर से चालू की जानें लगीं तो 25 में से किसी भी बिजलीघर की बिजली होल्ड नहीं हुई। हालांकि बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों ने अथक प्रयासों से शहर के सिविल लाइन व झंझरी इलाके की बिजली तो रात में ही जैसे-तैसे बहाल करा दी, लेकिन आवास विकास से संचालित 11 केवी रेलवे फीडर की लाइन बहाल होने में 20 घंटे लग गए। जबकि कमोवेश यही स्थिति शहर के आवास विकास मोहल्ले से लेकर तमाम अन्य मोहल्लों की भी रही। जहां बिजली के 32 खंभों के टूटने के कारण लोग 20 घंटे तक पानी के लिए भी तरसते रहे। हालांकि शाम 6 बजते-बजते शहर के अधिकांश हिस्सों की बिजली चालू हो गई।
उधर, ग्रामीण अंचल में करनैलगंज, परसपुर, भंभुवा, तरबगंज, शुकुलगंज, मनकापुर, आर्यनगर इटियाथोक, खरगूपुर, घारीघाट, तरबगंज, डुमरियाडीह, खोरहंसा, दुबहाबाजार सहित सभी 25 बिजलीघरों की बिजली पूरी रात ब्रेकडाउन में पड़ी रही। जिसमें से दर्जन भर बिजलीघरों की 33 केवी लाइनों को छोडक़र अभी भी 13 बिजलीघरों की बिजली अलग-अलग जगहों पर तार-खंभे टूटने के कारण ब्रेकडाउन में ही चल रही है। वहीं 11 केवी लाइनों के दर्जनों तार, खंभे टूटने के कारण इन लाइनों का 33 केवी बिजलीघरों से संपर्क पूरी तरह से टूटा हुआ है। जिसके चलते ग्रामीण इलाके की तकरीबन 18 लाख आबादी की बिजली फिलहाल गुल है। गोंडा, मनकापुर, तरबगंज व करनैलगंज के विद्युत वितरण खंडों से सूचना के तहत जिले में बुधवार की देरशाम आई आंधी में 400 के करीब बिजली के खंभे टूटे हैं। जिन्हें नए सिरे से खड़ा करने के लिए इलाकाई अवर अभियंताओं से इस्टीमेट मांगा गया है।
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वर्जन
देर शाम जो आंधी आई, उसमें जिले भर के भीतर से अभी जो सूचनाएं उन्हें मिली हैं, उसके मुताबिक करीब 400 बिजली के पोल टूटे हैं। जबकि बिजली के 500 खंभे पहले से ही टूटे हैं। दैवीय आपदा में सभी इलाकाई अवर अभियंताओं से डैमेज लाइनों का इस्टीमेट मांगा गया है। जहां-जहां की लाइनें ठीक हो सकती हैं, उन्हें ठीक करके चालू किया जा रहा है।
-आरके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, देवीपाटन क्षेत्र
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आंधी का सिलसिला बुधवार शाम 6.35 पर जैसे ही शुरू हुआ, सबसे पहले जेल रोड 220 केवी बिजलीघर से बलरामपुर जाने वाली 132 केवी की लाइन ट्रिप हुई, जिससे श्रावस्ती समेत पूरे बलरामपुर जिले की बिजली करीब दो घंटे तक गुल रही। जबकि इसी दौरान गोंडा जिले के सभी 25 बिजलीघरों की बत्ती आंधी के मद्देनजर काट दी गई। लेकिन आंधी का रुख रात 9 बजे के बाद जैसे ही कुछ नरम पड़ा और लाइनें फिर से चालू की जानें लगीं तो 25 में से किसी भी बिजलीघर की बिजली होल्ड नहीं हुई। हालांकि बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों ने अथक प्रयासों से शहर के सिविल लाइन व झंझरी इलाके की बिजली तो रात में ही जैसे-तैसे बहाल करा दी, लेकिन आवास विकास से संचालित 11 केवी रेलवे फीडर की लाइन बहाल होने में 20 घंटे लग गए। जबकि कमोवेश यही स्थिति शहर के आवास विकास मोहल्ले से लेकर तमाम अन्य मोहल्लों की भी रही। जहां बिजली के 32 खंभों के टूटने के कारण लोग 20 घंटे तक पानी के लिए भी तरसते रहे। हालांकि शाम 6 बजते-बजते शहर के अधिकांश हिस्सों की बिजली चालू हो गई।
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उधर, ग्रामीण अंचल में करनैलगंज, परसपुर, भंभुवा, तरबगंज, शुकुलगंज, मनकापुर, आर्यनगर इटियाथोक, खरगूपुर, घारीघाट, तरबगंज, डुमरियाडीह, खोरहंसा, दुबहाबाजार सहित सभी 25 बिजलीघरों की बिजली पूरी रात ब्रेकडाउन में पड़ी रही। जिसमें से दर्जन भर बिजलीघरों की 33 केवी लाइनों को छोडक़र अभी भी 13 बिजलीघरों की बिजली अलग-अलग जगहों पर तार-खंभे टूटने के कारण ब्रेकडाउन में ही चल रही है। वहीं 11 केवी लाइनों के दर्जनों तार, खंभे टूटने के कारण इन लाइनों का 33 केवी बिजलीघरों से संपर्क पूरी तरह से टूटा हुआ है। जिसके चलते ग्रामीण इलाके की तकरीबन 18 लाख आबादी की बिजली फिलहाल गुल है। गोंडा, मनकापुर, तरबगंज व करनैलगंज के विद्युत वितरण खंडों से सूचना के तहत जिले में बुधवार की देरशाम आई आंधी में 400 के करीब बिजली के खंभे टूटे हैं। जिन्हें नए सिरे से खड़ा करने के लिए इलाकाई अवर अभियंताओं से इस्टीमेट मांगा गया है।
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देर शाम जो आंधी आई, उसमें जिले भर के भीतर से अभी जो सूचनाएं उन्हें मिली हैं, उसके मुताबिक करीब 400 बिजली के पोल टूटे हैं। जबकि बिजली के 500 खंभे पहले से ही टूटे हैं। दैवीय आपदा में सभी इलाकाई अवर अभियंताओं से डैमेज लाइनों का इस्टीमेट मांगा गया है। जहां-जहां की लाइनें ठीक हो सकती हैं, उन्हें ठीक करके चालू किया जा रहा है।
-आरके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, देवीपाटन क्षेत्र