कोविड के मरीजों को मिलेगी राहत: लोहिया संस्थान, बीआरडी और एमएलएन मेडिकल कॉलेज को मिले 4.16 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसी भी अस्पताल में संसाधनों की कमी ना होने पाए। कर्मचारियों की तैनाती के साथ ही वहां उपकरण भी खरीदे जाएं। खासतौर से डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों की समीक्षा करते हुए वहां संसाधनों का विकास किया जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज के अस्पतालों को संसाधन युक्त बनाने के लिए 4.16 करोड़ रुपये जारी कराया है। इससे चिकित्सा संस्थान एवं मेडिकल कॉलेज में बाई पैप मशीन सहित अन्य उपकरण खरीदे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसी भी अस्पताल में संसाधनों की कमी ना होने पाए। कर्मचारियों की तैनाती के साथ ही वहां उपकरण भी खरीदे जाएं। खासतौर से डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों की समीक्षा करते हुए वहां संसाधनों का विकास किया जाए।
इसी के तहत उन्होंने लोहिया संस्थान, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज में संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए चार करोड़ 16 लाख 76 हजार रुपए जारी किए हैं। इस राशि से कोविड संक्रमितों के इलाज के लिए बाइपैप मशीनें, डिफाइब्रीलेटर, मल्टीपैरा मॉनिटर, टेबल टॉप पल्स ऑक्सिमीटर, एबीजी मशीन, ईसीजी मॉनिटर व सेक्शन मशीनों की खरीद की जाएगी।
लोहिया संस्थान में 40 बाइपैप मशीने मरीजों देंगी राहत
आरएमएल आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ को एक करोड़ 59 लाख चार हजार रुपये मिले हैं। इससे 40 बाइपैप मशीनों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी। लोहिया संस्थान में पहले से ही वेंटीलेटर और बाईपैप मशीन के जरिए कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। 40 नई मशीनें मिलने से राजधानी के गंभीर मरीजों को राहत मिलेगी।
पल्स रेट गिरते ही अलार्म बजा देगा नया उपकरण
मल्टीपैरा मॉनिटर (हाई एन्ड) कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज में काफी कारगर बताया जा रहा है। यह ऐसा उपकरण है जिसमें बीपी, ईसीजी आदि की लगातार मॉनिटरिंग होगी। मरीज का पल्स रेट गिरते ही या सांस लेने में तकलीफ होने पर अलार्म बज उठेगा। इससे नर्स और चिकित्सक को तुरंत ही सूचना मिल जाएगी। मरीज के इलाज में जरूरी अन्य इंतजाम हो सकेंगे। मेडिकल कॉलेज के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में 50 मल्टीपैरा मॉनिटर और 50 टेबल टॉप पल्स ऑक्सिमीटर उपलब्ध हो जाने से यहां इलाज की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।