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शिक्षक के रूप में नजर आए अधिकारी

Fri, 22 Jun 2018 11:49 PM IST
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:49 PM IST
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शिक्षक के रूप में नजर आए अधिकारी
शिक्षक के रूप में नजर आए अधिकारी
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बहराइच। कैसरगंज कस्बे के कंचन कान्वेंट पब्लिक स्कूल एवं शिशु मंदिर के सभागार में शुक्रवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के तत्वावधान में ‘पुलिस की पाठशाला’ का आयोजन हुआ। इसमें उपजिलाधिकारी और डिप्टी एसपी शिक्षक के रूप में नजर आए।


प्रभारी निरीक्षक ने भी छात्रों को मंझे हुए शिक्षक की तरह यातायात नियमों और कानून की जानकारी दी। अपराध की बारीकियों, घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम से कैसे निपटें, इसके टिप्स सुझाए। कहा कि, अन्याय को कतई सहन न करें। अन्याय के खिलाफ मुखर होकर देश को संवारें।
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कंचन कान्वेंट पब्लिक स्कूल एवं शिशु मंदिर में आयोजित पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी पंकज कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। इसके बाद कॉलेज के शिक्षकों ने अतिथियों का फूल-मालाओं से सम्मान किया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी पंकज कुमार शिक्षक के रूप में नजर आए। उन्होंने कहा कि, आपराधिक वारदातें कम हो रही हैं। मगर सड़क हादसों का ग्राफ निरंतर बढ़ रहा है। ऐसे में जागरूकता ही बचाव है।


इस दिशा में सभी को जागरूक रहना होगा। विशेषकर छात्राओं को सजग रहने की जरूरत है। अगर घर में पिता, भाई या अन्य सदस्य बिना हेेलमेट के बाइक से सफर को निकलें तो उन्हें अवश्य टोकें। उन्होंने घरेलू हिंसा के प्रति मुखर बननेे के टिप्स सुझाए।


कहा कि जागरूकता आवश्यक है। डिप्टी एसपी दिनेश शर्मा ने कहा कि, वर्तमान समय में लोग कानून का पालन करने के बजाए उसे तोड़ने में वाहवाही समझते हैं। इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है। दृष्टिकोण बदलेगा, तभी सभ्य समाज का निर्माण होगा।


उन्होंने कहा कि, अपराध रंजिश में या जान-बूझकर होते हैं। मगर सड़क हादसों से बचने के टिप्स सभी जानने के बावजूद उन्हें अपनाते नहीं हैं।


प्रभारी निरीक्षक अफसर परवेज ने छात्राओं को पुलिस अधिकारियों के नंबर नोट कराए। कहा कि समस्याओं से भागे नहीं। बेखौफ बताएं। नाम सार्वजनिक नहीं होगा। हरसंभव मदद की जाएगी।


उन्होंने छात्राओं को उनके अधिकार बताते हुए 1090, 1098 और 100 नंबर डायल करने पर मदद कैसे मिलेगी, इसके टिप्स सुझाए। कार्यशाला को महिला पुलिसकर्मियों ने संबोधित कर छात्र-छात्राओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।



कहा कि, छात्र-छात्राएं सजग हों तो 50 फीसदी अपराधों पर अंकुश लग सकता है। संचालन करते हुए शिक्षक ने छात्र-छात्राओं के अधिकारों पर चर्चा की। कहा कि, सजग रहकर ही बेहतर समाज का निर्माण संभव होगा।
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