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होम ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के लिए गठित होंगी 300 टीमें, प्रभारी जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए निर्देश
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राजधानी में होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों तक आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं पहुंचाने के लिए 300 अतिरिक्त रैपिड रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया जाएगा।
प्रभारी जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत कहा गया है कि होम ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने की जरूरत है। इससे घर पर रहकर इलाज कर रहे व्यक्तियों को चिकित्सकीय परीक्षण व दवाओं और उपचार के लिए अस्पताल की दौड़ भाग न करनी पड़े। ऐसे व्यक्तियों व उनके परिवार के सदस्यों का एंटीजन टेस्ट, होम ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल समय से हो सके। नव गठित आरआरटी टीमें होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को मानक के अनुरूप औषधि किट उपलब्ध कराएंगी।
गंभीर रोगियों के इलाज के लिए आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की मांग उचित नहीं
प्रभारी डीएम ने गंभीर रोगों जैसे हृदय रोग, कैंसर, उच्च रक्तचाप आदि बीमारियों से ग्रसित नॉन कोविड मरीजों का अस्पतालों में बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के इलाज न किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी अस्पतालों को गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों के उपचार व उन्हें भर्ती करने में आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता न रखने संबंधी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नॉन कोविड मरीजों का उपचार बीमारी के आधार पर नॉन कोविड प्रोटोकॉल के आधार पर किया जाए। यदि किसी नॉन कोविड मरीज में कोविड के लक्षण हैं तो उसे अलग वार्ड में रखकर उसका उपचार किया जाए। उन्होंने इसमें लापरवाही बरतने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही।
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कोविड कमांड सेंटर पर मौजूद रहेंगे बड़े अस्पतालों के प्रतिनिधि
प्रभारी डीएम ने निर्देश दिए हैं कि बेड एलॉटमेंट व मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया सुधारने के लिए जिले के बड़े अस्पतालों के प्रतिनिधियों को एकीकृत कोविड कमांड सेंटर में नोडल के रूप में तैनात किया जाए। इस संबंध में उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि बड़े अस्पतालों जैसे मेयो, हिंद, इंटीग्रल, टीएसएम, एरा, प्रसाद व कैरियर चिकित्सालयों के एक-एक प्रतिनिधि को कमांड सेंटर पर नामित किया जाए। ताकि संक्रमित व्यक्तियों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
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प्रभारी जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत कहा गया है कि होम ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल को प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने की जरूरत है। इससे घर पर रहकर इलाज कर रहे व्यक्तियों को चिकित्सकीय परीक्षण व दवाओं और उपचार के लिए अस्पताल की दौड़ भाग न करनी पड़े। ऐसे व्यक्तियों व उनके परिवार के सदस्यों का एंटीजन टेस्ट, होम ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल समय से हो सके। नव गठित आरआरटी टीमें होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को मानक के अनुरूप औषधि किट उपलब्ध कराएंगी।
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गंभीर रोगियों के इलाज के लिए आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की मांग उचित नहीं
प्रभारी डीएम ने गंभीर रोगों जैसे हृदय रोग, कैंसर, उच्च रक्तचाप आदि बीमारियों से ग्रसित नॉन कोविड मरीजों का अस्पतालों में बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के इलाज न किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी अस्पतालों को गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों के उपचार व उन्हें भर्ती करने में आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता न रखने संबंधी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नॉन कोविड मरीजों का उपचार बीमारी के आधार पर नॉन कोविड प्रोटोकॉल के आधार पर किया जाए। यदि किसी नॉन कोविड मरीज में कोविड के लक्षण हैं तो उसे अलग वार्ड में रखकर उसका उपचार किया जाए। उन्होंने इसमें लापरवाही बरतने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही।
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कोविड कमांड सेंटर पर मौजूद रहेंगे बड़े अस्पतालों के प्रतिनिधि
प्रभारी डीएम ने निर्देश दिए हैं कि बेड एलॉटमेंट व मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया सुधारने के लिए जिले के बड़े अस्पतालों के प्रतिनिधियों को एकीकृत कोविड कमांड सेंटर में नोडल के रूप में तैनात किया जाए। इस संबंध में उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि बड़े अस्पतालों जैसे मेयो, हिंद, इंटीग्रल, टीएसएम, एरा, प्रसाद व कैरियर चिकित्सालयों के एक-एक प्रतिनिधि को कमांड सेंटर पर नामित किया जाए। ताकि संक्रमित व्यक्तियों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।