दूर होगी ट्रांसपोर्ट की दिक्कत, राजधानी को मिलेंगी 300 बसें
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राजधानी समेत प्रदेश के 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले सात शहरों में
इनमें लखनऊ व कानपुर के लिए 300-300 बसें मिलेंगी। वहीं आगरा के लिए 200, वाराणसी, इलाहाबाद एवं मेरठ के लिए 150-150 तो मथुरा को 60 बसें मिलेंगी।
मुख्य
सचिव जावेद उस्मानी ने बताया इन शहरों में नगरीय बसों का संचालन
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) द्वारा किया
जाएगा।
इसके अलावा नगरीय परिवहन परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं एकीकृत
प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर यूनीफाइड मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी
तथा राज्य स्तर पर डेडिकेटेड अरबन ट्रांसपोर्ट फंड की स्थापना की जाएगी।
ट्रैफिक इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना की जाएगी।
मुख्य सचिव राजीव आवास योजना स्लम फ्री सिटी प्लान ऑफ एक्शन के प्रगति की
समीक्षा कर रहे थे।
चयनित शहरों से मांगा प्रोजेक्ट रिपोर्ट
मुख्य
सचिव ने अफसरों को राजीव आवास योजना के तहत प्रदेश के चयनित 21 शहरों की कार्ययोजना एक माह
में पेश करने के निर्देश दिए।
कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश के 6 शहरों
रामपुर, रायबरेली, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर तथा कन्नौज के लिए 8 पायलट
प्रोजेक्ट केलिए लगभग 31.68 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है।
7 जिलों
इटावा, मेरठ, मथुरा, वाराणसी, फीरोजाबाद, मुजफ्फरनगर एवं मुरादाबाद के लिए
3706 नए आवास एवं 272 किचन, टॉयलेट, पुराने आवासों में एवं 33 ट्रांजिट
हाउस के लिए लगभग 360 करोड़ रुपये के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण का प्लान ऑफ एक्शन क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण
अध्ययन केंद्र हैदराबाद के माध्यम से सितंबर तक पूरा करा लिया जाए।
द्वितीय चरण के प्लान ऑफ एक्शन भी तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।