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UP News: यूपी के 29 जिलों को न सरकार में प्रतिनिधित्व न संगठन में जगह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने ये दिया जवाब

Mon, 19 Jun 2023 09:58 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 19 Jun 2023 09:58 AM IST
सार

यूपी विधानसभा चुनाव से लेकर निकाय चुनाव तक पूरा साथ देने के बाद भी प्रदेश के 29 जिले योगी सरकार और संगठन में प्रतिनिधित्व नहीं पा सके हैं। प्रदेश के अयोध्या, झांसी और फिरोजाबाद जैसे बड़े जिलों के विधायक और नेताओं को भी मौका नहीं मिला है।

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29 districts have no place in Yogi government and in party.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के 29 जिलों को न तो योगी सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है न ही भाजपा संगठन में जगह मिली। अयोध्या, झांसी, फिरोजाबाद जैसे नगर निगम वाले बड़े जिलों के विधायकों और नेता भी सरकार व संगठन में मौका पाने से वंचित हैं। जबकि इन जिलों ने विधानसभा से लेकर निकाय चुनाव तक में भाजपा का पूरा साथ दिया है।

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प्रदेश के 75 जिलों में सरकार और संगठन में कुल 46 जिलों को ही जगह मिली है। 52 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 35 जिलों का ही प्रतिनिधित्व है। वहीं, 45 सदस्यीय प्रदेश संगठन और छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की टीम में भी 26 जिलों के नेताओं को ही मौका मिला है। अवध के 13 प्रशासनिक जिलों में से अयोध्या, अंबेडकरनगर, उन्नाव, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती को भी सरकार व संगठन में जगह नहीं मिली है। जबकि निकाय चुनाव तक में अयोध्या में भाजपा ने महापौर का चुनाव जीता है। पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायतों में भी भाजपा ने 2017 से अधिक सीटें जीती है।
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कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी, महोबा, फतेहपुर, हमीरपुर, चित्रकूट, इटावा, औरेया, फर्रुखाबाद जिले भी प्रतिनिधित्व से वंचित हैं। झांसी नगर निगम में भी भाजपा ने रिकॉर्ड मतों से महापौर चुनाव जीता है। पश्चिम क्षेत्र से हापुड़, बिजनौर, अमरोहा, बृज क्षेत्र में एटा, फिरोजाबाद, गोरखपुर क्षेत्र में बस्ती, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, महराजगंज और काशी क्षेत्र में भदोही, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, कौशांबी, चंदौली और प्रतापगढ़ जिले को भी संगठन व सरकार में जगह नहीं मिली है। इनमें कौशांबी में विधानसभा चुनाव में भाजपा का खाता नहीं खुला था।

इन जिलों पर मेहरबानी
लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, शाहजहांपुर, बरेली, कानपुर नगर और कानपुर देहात जिलों को सरकार व संगठन में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद गोरखपुर से हैं। पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह सैंथवार और अग्रिम मोर्चों के प्रभारी ओपी श्रीवास्तव भी गोरखपुर से हैं। लखनऊ से उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी सरकार में हैं। जबकि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह, प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य, प्रदेश मंत्री शंकर लोधी, अर्चना मिश्रा, अभिजात मिश्रा भी लखनऊ से ही हैं।


कानपुर से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह, मानवेंद्र सिंह, देवेश कुमार कोरी, कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित भी कानपुर से हैं। पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाशपाल भी कानपुर से ही हैं। कानपुर देहात से एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और अजीत पाल सिंह सरकार में हैं। आगरा से प्रदेश महामंत्री रामप्रताप सिंह चौहान, प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे व अंजुला सिंह माहौर सरकार में हैं। जबकि महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्य व उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय हैं।

अभी बाकी है उम्मीद
आगामी दिनों में भाजपा के अवध, कानपुर, काशी, गोरखपुर, पश्चिम और ब्रज क्षेत्र की क्षेत्रीय टीमों की घोषणा होनी है। वहीं योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा भी तेज है। पार्टी के युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, एससी मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति भी होनी है। जिन जिलों के विधायकों और नेताओं को अब तक मौका नहीं मिला है उन्हें उम्मीद है कि संगठन या सरकार में उन्हें जगह मिलेगी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि सरकार में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, संगठन में 45 पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसका ऐसा कोई फार्मूला नहीं है जिससे सभी जिलों को सरकार या संगठन में जगह मिल सके। फिर भी हमारी कोशिश रहती है कि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिले।

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