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Lucknow News: 2.61 लाख जरूरतमंद कैशलेस इलाज से वंचित
Mon, 12 Aug 2024 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 12 Aug 2024 01:53 AM IST
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रायबरेली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 2.61 लाख जरूरतमंदों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल सकती है। तमाम प्रयासों के बाद भी इन लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। कहीं नाम मिसमैच तो कहीं नाम ही गलत है। 22 हजार से अधिक लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। ऐप में संशोधन की सुविधा न होने के कारण लाभार्थियों के डॉटा और नाम में संशोधन नहीं हो पा रहे है।
भारत सरकार ने गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए 16.67 लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में करीब नौ लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा सके हैं। लापरवाही के कारण शत प्रतिशत कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। 2,61,249 ऐसे लाभार्थी हैं, जिसके गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
इसमें 22,288 लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। 1,47,490 ऐसे लाभार्थी हैं, जिसके नाम गलत हैं या फिर गांव में रहते नहीं है। 52 हजार से अधिक लाभार्थियों के नाम मिसमैच हैं। इसके अलावा अन्य खामियों के कारण शत प्रतिशत गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ऐप में संशोधन की सुविधा न होने के कारण पात्रों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
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बिना गोल्डन कार्ड के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी नहीं मिल सकती है। सत्यापन में डॉटा सामने आने के बाद सीएमओ ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। जल्द ही नाम और डॉटा सही हो जाने पर लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज लेने के लिए गोल्डन कार्ड जरूरी है। जांच में 2.61 लाख लाभार्थियों का डॉटा मिला है, जिसके गोल्डन कार्ड विभिन्न कारणों से नहीं बन पा रहे हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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भारत सरकार ने गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए 16.67 लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में करीब नौ लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा सके हैं। लापरवाही के कारण शत प्रतिशत कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। 2,61,249 ऐसे लाभार्थी हैं, जिसके गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
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इसमें 22,288 लाभार्थियों की मौत हो चुकी है। 1,47,490 ऐसे लाभार्थी हैं, जिसके नाम गलत हैं या फिर गांव में रहते नहीं है। 52 हजार से अधिक लाभार्थियों के नाम मिसमैच हैं। इसके अलावा अन्य खामियों के कारण शत प्रतिशत गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ऐप में संशोधन की सुविधा न होने के कारण पात्रों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
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बिना गोल्डन कार्ड के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी नहीं मिल सकती है। सत्यापन में डॉटा सामने आने के बाद सीएमओ ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। जल्द ही नाम और डॉटा सही हो जाने पर लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज लेने के लिए गोल्डन कार्ड जरूरी है। जांच में 2.61 लाख लाभार्थियों का डॉटा मिला है, जिसके गोल्डन कार्ड विभिन्न कारणों से नहीं बन पा रहे हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ