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आशंका : लखनऊ में फर्जी आईडी से चल रहे 25 हजार सिम, होगी कार्रवाई
Sat, 28 Dec 2019 03:21 PM IST
ishwar ashish
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 28 Dec 2019 03:21 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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फर्जी आईडी से चालू किए गए सिम सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। आशंका है कि पूर्वी परिमंडल में ऐसे करीब ढाई लाख सिम का इस्तेमाल हो रहा है। इनमें से लखनऊ में 20 से 25 हजार सिम चालू होने की आशंका है।
दूरसंचार विभाग के निर्देश पर अब टेलीकॉम इंफोर्समेंट रिसोर्स एंड मॉनिटरिंग सेल (टर्म) की पूर्वी परिमंडल इकाई ने शक के घेरे में आए सिमों की जांच शुरू कर दी है। बीएसएनएल से जुड़े महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी ने बताया कि अकेले पूर्वी सर्किल में बीएसएनएल सहित निजी मोबाइल ऑपरेटरों के ढाई लाख से अधिक सिम कार्ड फर्जी नाम-पते पर एक्टीवेट कर इस्तेमाल में लाने का अंदेशा है।
वहीं, टर्म की विजिलेंस इकाई से जुड़े सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में भी ऐसे 20 से 25 हजार सिम हैं। इनमें से 75 फीसदी सिम कार्ड निजी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के और 25 फीसदी बीएसएनएल से जुड़े होने का अनुमान है।
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दूरसंचार विभाग के निर्देश पर अब टेलीकॉम इंफोर्समेंट रिसोर्स एंड मॉनिटरिंग सेल (टर्म) की पूर्वी परिमंडल इकाई ने शक के घेरे में आए सिमों की जांच शुरू कर दी है। बीएसएनएल से जुड़े महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी ने बताया कि अकेले पूर्वी सर्किल में बीएसएनएल सहित निजी मोबाइल ऑपरेटरों के ढाई लाख से अधिक सिम कार्ड फर्जी नाम-पते पर एक्टीवेट कर इस्तेमाल में लाने का अंदेशा है।
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वहीं, टर्म की विजिलेंस इकाई से जुड़े सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में भी ऐसे 20 से 25 हजार सिम हैं। इनमें से 75 फीसदी सिम कार्ड निजी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के और 25 फीसदी बीएसएनएल से जुड़े होने का अनुमान है।
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फ्रेंचाइजी, सेल्स एजेंट पर भी होगी कार्रवाई
सर्किल अनुसार फर्जी आईडी व गलत सूचनाओं के आधार पर चालू सिम कार्डों को ढूंढकर बंद कराने के लिए टर्म सेल ने सभी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्री-पेड सिमों की बिक्री से जुड़ा ब्योरा मांगा है। इसमें खास तौर पर होम लोकेशन रजिस्टर और विजिटर लोकेशन रजिस्टर की साल भर की रिपोर्ट तलब की गई है। इनकी सर्किल अनुसार जांच कर फर्जी आईडी व केवाईसी से एक्टिवेट सिम कार्डों को चिह्नित कर बंद कराया जाएगा। वहीं, ऐसे सिमकार्ड बेचने वाली फ्रेंचाइजी व सेल्स एजेंट पर भी कार्रवाई होगी।
हर सिम का रखना होता है लेखा-जोखा
दूर संचार नियामक आयोग (ट्राई) ने फर्जी आईडी से मोबाइल बेचने पर शिकंजा कसने के लिए ही हर मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए होम लोकेशन रजिस्टर (एचएलआर) व विजिटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) रखना अनिवार्य किया है। इनके माध्यम से किसी भी सिम के उपयोग और उसकी लोकेशन के बारे में तत्काल पता लगाना संभव होता है। ज्यादा इस्तेमाल में आने वाले सिम कार्डों का रिकॉर्ड जहां एचएलआर में होता है, वहीं कम उपयोग आने वाले सिम का आईडी प्रूफ व एड्रेसप्रूफ रिकॉर्ड वीएलआर में दर्ज होता है।
हर सिम का रखना होता है लेखा-जोखा
दूर संचार नियामक आयोग (ट्राई) ने फर्जी आईडी से मोबाइल बेचने पर शिकंजा कसने के लिए ही हर मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए होम लोकेशन रजिस्टर (एचएलआर) व विजिटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) रखना अनिवार्य किया है। इनके माध्यम से किसी भी सिम के उपयोग और उसकी लोकेशन के बारे में तत्काल पता लगाना संभव होता है। ज्यादा इस्तेमाल में आने वाले सिम कार्डों का रिकॉर्ड जहां एचएलआर में होता है, वहीं कम उपयोग आने वाले सिम का आईडी प्रूफ व एड्रेसप्रूफ रिकॉर्ड वीएलआर में दर्ज होता है।