2400 शिक्षकों को नियमित करने की तैयारी

दीप सिंह/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Updated Thu, 30 Jan 2014 11:40 AM IST
2400 specialist teachers to be regularised
प्रदेश के करीब 2400 व्यावसायिक शिक्षकों को विषय विशेषज्ञों की तर्ज पर ही नियमित करने की तैयारी है।

इसके लिए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की नियमावली में संशोधन करना होगा।

शासन के निर्देश के बाद निदेशालय ने इस बाबत अपनी रिपोर्ट भेज दी है।

इसमें बताया गया है कि वर्ष 2006 में विषय विशेषज्ञों को किस तरह नियमित किया गया था। प्रदेश के इंटर कॉलेजों में इस समय लगभग 2400 व्यावसायिक शिक्षक हैं।

अलग-अलग ट्रेड में इन शिक्षकों को शुरुआत में अतिथि शिक्षक के तौर पर रखा गया था और प्रति पीरियड 50 रुपये के हिसाब से इन्हें मानदेय दिया जाता था।

पिछली सपा सरकार में यह मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह तय किया गया था।

ये शिक्षक भी मांग कर रहे हैं कि जब विषय विशेषज्ञों को नियमित किया जा सकता है तो फिर उन्हें भी नियमित किया जाए। इसे देखते हुए शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी।

इसमें पूछा गया था कि जिलेवार कुल कितने विषय विशेषज्ञ हैं। माध्यमिक शिक्षकों के कितने पद खाली हैं? विषय विशेषज्ञों को किस नियम के तहत नियमित किया गया था?

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 31 जिलों से विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का ब्यौरा मिल गया है।

अन्य जिलों से भी सूचना मांगी गई है। विषय विशेषज्ञों को 2006 में नियमित करने के बाबत इस रिपोर्ट में बताया गया है कि माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड की धारा (ङ) में संशोधन किया गया था।

इसके तहत निदेशालय स्तर से पहले विषय विशेषज्ञों को खाली पदों पर समायोजित करने की कार्यवाही की गई थी। उन्हें यहां से समायोजन पत्र दिया गया।

उसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षकों के निर्देश पर विद्यालय प्रबंधन के स्तर से नियुक्ति पत्र दिए गए थे।

इसमें यह भी तय था कि कम से कम दो वर्ष तक उन्होंने विषय विशेषज्ञ के तौर पर नियमित अध्यापन किया हो। एक तय तारीख तक ज्वाइन करने वालों को ही यह लाभ दिया गया था।
 
नियमित होने में अब भी कई पेंच
हालांकि शासन के निर्देश पर निदेशालय ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के नियमों में संशोधन की प्रक्रिया तो बता दी है लेकिन अभी व्यावसायिक शिक्षकों को नियमित करने में कई पेंच हैं। रिपोर्ट में शासन ने यह भी पूछा था कि प्रदेश में माध्यमिक शिक्षकों के कितने पद खाली हैं।

इस पर निदेशालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पदों की सही संख्या तभी बताई जा सकेगी जब जनशक्ति निर्धारण के मामले पर कोई निर्णय हो जाए।

शासन ने यह भी पूछा था कि सभी शिक्षकों को नियमित करने पर कितना खर्च आएगा। इसके बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि समायोजन की प्रक्रिया के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाला: चाईबासा कोषागार मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीसरे केस में लालू दोषी करार

रांची स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने चारा घोटाले के तीसरे मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। साथ ही पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी दोषी ठहराया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

योगी कैबिनेट ने लिए 10 बड़े फैसले, गांवों में मांस बेचने पर लगी रोक

यूपी की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए गांवों में मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

24 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper