1997 बैच के 23 पीसीएस बने आईएएस, संघ लोक सेवा आयोग ने दी प्रमोशन को मंजूरी
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संघ लोक सेवा आयोग ने पीसीएस सेवा के 23 अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में पदोन्नति को मंजूरी दे दी है। पदोन्नत अधिकारियों में 1997 बैच के पीसीएस अधिकारी व सूचना निदेशक शिशिर, विशेष सचिव मुख्यमंत्री, शुभ्रांत कुमार शुक्ल व मुख्य सचिव के स्टाफ ऑफिसर विशाल भारद्वाज भी शामिल हैं।
छह अफसरों को प्रोविजनल पदोन्नति दी गई है। विभिन्न मामलों में अनुशासनिक अथवा विभागीय कार्यवाही लंबित होने की वजह से इनका लिफाफा बंद रखा गया है।
नई दिल्ली में बुधवार को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की हुई बैठक में संघ लोक सेवा आयोग व केंद्रीय कार्मिक व पेंशन मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार और अपर मुख्य सचिव (एसीएस) नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक ,चयन वर्ष 2018 में पीसीएस कोटे की आईएएस संवर्ग में पदोन्नति के लिए 25 पद रिक्त हैं।
इसके अलावा तीन पीसीएस अधिकारियों की जांच लंबित होने से पदोन्नति का लिफाफा पहले से ही बंद चल रहा है। इस तरह कुल 29 अफसरों की पदोन्नति पर समिति को विचार करना था। इसके अलावा एक अधिकारी की विभागीय कार्यवाही समाप्त होने के बावजूद पदोन्नति नहीं दी गई है। यह पद चयन वर्ष 2018 में बढ़ा दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि समिति ने जितेंद्र बहादुर सिंह-प्रथम, उदयीराम, भीष्मलाल वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अब भी जारी होने से इनकी पदोन्नति के लिफाफे फिर से बंद रखने की संस्तुति की गई है।
चयन वर्ष 2018 की 26 रिक्तियों के सापेक्ष पदोन्नति पर विचार के बाद तीन पीसीएस अफसरों हरिश्चंद्र, घनश्याम सिंह और राजेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही लंबित होने से इनका भी प्रोविजनल पदोन्नति की संस्तुति के साथ लिफाफा बंद रखा गया है।
इसके अलावा 23 अन्य पीसीएस अफसरों की आईएएस में पदोन्नति देने की मंजूरी दी गई है। बताया गया कि आयोग की संस्तुतियां अब डीओपीडी को भेजी जाएंगी। डीओपीडी की अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश सरकार पदोन्नति आदेश जारी कर देगी। लोकसभा आम चुनाव के बाद संभावित प्रशासनिक फेरबदल में इनमें से कई अफसरों को शासन से जिलों तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती हैं।