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राजधानी में तीन महीने में कोरोना संक्रमण के सबसे कम केस रिकॉर्ड, एक मरीज की मौत
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर झेलने के बाद लखनऊ हर दिन सामान्य होने की ओर एक कदम बढ़ता जा रहा है। सोमवार को संक्रमण के 23 नये मामले मिले।
तीन महीने में यह पहला मौका है जब संक्रमण के नए मामलों की संख्या इतनी कम रही है। इससे पहले 14 मार्च को संक्रमण के 19 केस मिले थे। इसके अलावा सोमवार को एक मरीज की मौत हो गई।
संक्रमण को मात देने वालों की संख्या 36 रही। साथ ही सक्रिय केस की संख्या अब 441 हो गई है। कुछ दिनों से संक्रमण को मात देने वालों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। इसकी वजह से सक्रिय केस की संख्या भी अब धीरे-धीरे कम हो रही है।
ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज, एक की मौत
राजधानी में ब्लैक फंगस के मामलों में भी कमी आने का सिलिसिला जारी है। सोमवार को ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज भर्ती किए गए। जबकि भदोही निवासी 35 वर्षीय महिला की ब्लैक फंगस से जान चली गई। पिछले तीन दिनों में ब्लैक फंगस के कुल 20 केस आए हैं।
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प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों के साथ ही एस्परजिलोसिस के मरीज भी मिल रहे हैं। ऐसे मरीजों के उपचार में चिकित्सा विशेषज्ञों को ज्यादा निगरानी रखनी पड़ रही है। एस्परजिलोसिस फंगस के मरीज की पहचान पहली बार केजीएमयू में हुई थी। इसके बाद यहां करीब 5 मरीज मिल चुके हैं। इसी तरह एसजीपीजीआई में भी करीब छह मरीज मिले हैं। लोहिया संस्थान में दो मरीज और चार मरीज विभिन्न निजी संस्थानों में भी पाए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में स्थित अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी एस्परजिलोसिस के मरीज मिल रहे है। ब्लैक फंगस के मरीजों में इस फंगस की मौजूदगी होने से उपचार में काफी समस्या आ रही है। खासतौर से जिन मरीजों को लंबे समय तक स्टेरॉइड दी गई है उनमें इस फंगस को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त डोज देनी पड़ रही है।
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तीन महीने में यह पहला मौका है जब संक्रमण के नए मामलों की संख्या इतनी कम रही है। इससे पहले 14 मार्च को संक्रमण के 19 केस मिले थे। इसके अलावा सोमवार को एक मरीज की मौत हो गई।
संक्रमण को मात देने वालों की संख्या 36 रही। साथ ही सक्रिय केस की संख्या अब 441 हो गई है। कुछ दिनों से संक्रमण को मात देने वालों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। इसकी वजह से सक्रिय केस की संख्या भी अब धीरे-धीरे कम हो रही है।
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ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज, एक की मौत
राजधानी में ब्लैक फंगस के मामलों में भी कमी आने का सिलिसिला जारी है। सोमवार को ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज भर्ती किए गए। जबकि भदोही निवासी 35 वर्षीय महिला की ब्लैक फंगस से जान चली गई। पिछले तीन दिनों में ब्लैक फंगस के कुल 20 केस आए हैं।
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प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों के साथ ही एस्परजिलोसिस के मरीज भी मिल रहे हैं। ऐसे मरीजों के उपचार में चिकित्सा विशेषज्ञों को ज्यादा निगरानी रखनी पड़ रही है। एस्परजिलोसिस फंगस के मरीज की पहचान पहली बार केजीएमयू में हुई थी। इसके बाद यहां करीब 5 मरीज मिल चुके हैं। इसी तरह एसजीपीजीआई में भी करीब छह मरीज मिले हैं। लोहिया संस्थान में दो मरीज और चार मरीज विभिन्न निजी संस्थानों में भी पाए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में स्थित अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी एस्परजिलोसिस के मरीज मिल रहे है। ब्लैक फंगस के मरीजों में इस फंगस की मौजूदगी होने से उपचार में काफी समस्या आ रही है। खासतौर से जिन मरीजों को लंबे समय तक स्टेरॉइड दी गई है उनमें इस फंगस को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त डोज देनी पड़ रही है।