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डरा रही सरयू, खतरे के निशान से 50 सेंमी ऊपर पहुंचा जलस्तर
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:04 AM IST
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जिले के करीब 24 गांव बाढ़ व कटान से प्रभावित
फैजाबाद। उफनाई सरयू/घाघरा नदी शनिवार को दोपहर में खतरे के निशान से 50 सेंमी ऊपर पहुंच गई। कछारीय इलाकों में न सिर्फ मुश्किलें बढ़ी हैं, बल्कि कटान तेज होने से कई एकड़ भूमि और फसलों को भी नदी लील गई है। रुदौली तहसील, सदर क्षेत्र व सोहावल इलाके के करीब 24 गांव बाढ़ व कटान से प्रभावित हैं।
कटान से रुदौली के सर्वाधिक प्रभावित गांव कैथीमाझा की स्थिति बिगड़ रही है। कई घर नदी के मुहाने पर लटके हैं और बढ़ते नदी के जलस्तर से ग्रामीण उन घरों के लिए खैर मना रहे हैं। कटान में तेजी होने से यहां के ग्रामीणों में जबर्दस्त खौफ है।
हफ्ते भर से जिले में महज 20 मिमी. बारिश हुई है। लेकिन पहाड़ों पर हुई बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी से सरयू का जलस्तर 25 सेंमी बढ़ा है। इससे यहां के रौनाही बंधे व बिल्वहरि बंधे की स्थिति भी गंभीर है।
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बाढ़ खंड के एक्सईएन जीपी यादव हालांकि इसके सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन दोनों बंधे पर नदी की धारा बैकरोलिंग करके जिस तेजी से टकरा रही और जलस्तर बढ़ने से पानी का दबाव बना हुआ है, बंधे का काफी हिस्सा नाजुक बन गया है।
रुदौली के कैथी गांव में नदी तेज कटान कर रही है। गांव में कुल 71 घर थे, लेकिन कटान से अब सिर्फ नौ घर बचे हैं और कई तो नदी के मुहाने पर लटके हुए हैं। ग्रामीण खुशीराम व शांति पांडेय का कहना है कि अधिकतर ग्रामीणों की पुस्तैनी घर व जमीन नदी लील चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मदद व सुविधाएं मुहैया कराने के बजाय अब यहां की आबादी व नक्शे में हेरफेर कर रहा है। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व एमसी दुबे का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्ट ली जा रही है, राजस्व कर्मियों को सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कई और गांव बाढ़ से घिरे
सरयू नदी का जलस्तर जैसे-जैसे इजाफा हो रहा है, कई और गांव बाढ़ की चपेट में आते जा रहे हैं। कछारीय क्षेत्रों के लोग इससे खौफजदा है। रौनाही बंधे के निकट महंगू का पुरवा टापू बन चुका है। जबकि यहां सल्लाहपुर, अब्बूपुर, मुजेहना, सरायनासिर गांवों के कई पुरवों को चपेट ले लिया है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट राय पहलवारा व सरायराशि के पुरवे भी चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण दिनेश सिंह, हनुमान सिंह का कहना है कि नाव की व्यवस्था नहीं होने से सुरक्षित स्थानों पर आने जाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं गोसाईगंज के निकट तीन गांवों बढ़ईपुरवा, पंडित पुरवा व नऊवनपुरवा में कटान तेज होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
बनबसा डिस्चार्ज घटा, कम होगा जलस्तर
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार को बनबसा बैराज का डिस्चार्ज कम होकर 77868 क्यूसेक पहुंच गया हैै। इसके अलावा शारदा बैराज 1,38707 क्यूसेक व गिरिजा बैराज से 1,28600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सरयू लाल निशान से 50 सेंमी ऊपर बह रही है। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 93.230 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
बारिश में ढहा कच्चा घर
फैजाबाद। सोहावल तहसील क्षेत्र के पंडितपुर गांव में गुरुवार रात एक महिला का कच्चा घर बारिश के चलते ढह गया। ग्रामीणों के मुताबिक, वह घर में अकेली रहती हैं। उसका बेटा बाहर रहता है। हादसे की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई लेकिन शनिवार सुबह तक न तो सर्वे के लिए तहसील प्रशासन का कोई कर्मी पहुंचा था और न ही महिला को कोई सहायता मिल पाई है।
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फैजाबाद। उफनाई सरयू/घाघरा नदी शनिवार को दोपहर में खतरे के निशान से 50 सेंमी ऊपर पहुंच गई। कछारीय इलाकों में न सिर्फ मुश्किलें बढ़ी हैं, बल्कि कटान तेज होने से कई एकड़ भूमि और फसलों को भी नदी लील गई है। रुदौली तहसील, सदर क्षेत्र व सोहावल इलाके के करीब 24 गांव बाढ़ व कटान से प्रभावित हैं।
कटान से रुदौली के सर्वाधिक प्रभावित गांव कैथीमाझा की स्थिति बिगड़ रही है। कई घर नदी के मुहाने पर लटके हैं और बढ़ते नदी के जलस्तर से ग्रामीण उन घरों के लिए खैर मना रहे हैं। कटान में तेजी होने से यहां के ग्रामीणों में जबर्दस्त खौफ है।
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हफ्ते भर से जिले में महज 20 मिमी. बारिश हुई है। लेकिन पहाड़ों पर हुई बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी से सरयू का जलस्तर 25 सेंमी बढ़ा है। इससे यहां के रौनाही बंधे व बिल्वहरि बंधे की स्थिति भी गंभीर है।
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बाढ़ खंड के एक्सईएन जीपी यादव हालांकि इसके सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन दोनों बंधे पर नदी की धारा बैकरोलिंग करके जिस तेजी से टकरा रही और जलस्तर बढ़ने से पानी का दबाव बना हुआ है, बंधे का काफी हिस्सा नाजुक बन गया है।
रुदौली के कैथी गांव में नदी तेज कटान कर रही है। गांव में कुल 71 घर थे, लेकिन कटान से अब सिर्फ नौ घर बचे हैं और कई तो नदी के मुहाने पर लटके हुए हैं। ग्रामीण खुशीराम व शांति पांडेय का कहना है कि अधिकतर ग्रामीणों की पुस्तैनी घर व जमीन नदी लील चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मदद व सुविधाएं मुहैया कराने के बजाय अब यहां की आबादी व नक्शे में हेरफेर कर रहा है। वहीं एडीएम वित्त एवं राजस्व एमसी दुबे का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रिपोर्ट ली जा रही है, राजस्व कर्मियों को सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कई और गांव बाढ़ से घिरे
सरयू नदी का जलस्तर जैसे-जैसे इजाफा हो रहा है, कई और गांव बाढ़ की चपेट में आते जा रहे हैं। कछारीय क्षेत्रों के लोग इससे खौफजदा है। रौनाही बंधे के निकट महंगू का पुरवा टापू बन चुका है। जबकि यहां सल्लाहपुर, अब्बूपुर, मुजेहना, सरायनासिर गांवों के कई पुरवों को चपेट ले लिया है।
वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट राय पहलवारा व सरायराशि के पुरवे भी चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण दिनेश सिंह, हनुमान सिंह का कहना है कि नाव की व्यवस्था नहीं होने से सुरक्षित स्थानों पर आने जाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। वहीं गोसाईगंज के निकट तीन गांवों बढ़ईपुरवा, पंडित पुरवा व नऊवनपुरवा में कटान तेज होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
बनबसा डिस्चार्ज घटा, कम होगा जलस्तर
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, शनिवार को बनबसा बैराज का डिस्चार्ज कम होकर 77868 क्यूसेक पहुंच गया हैै। इसके अलावा शारदा बैराज 1,38707 क्यूसेक व गिरिजा बैराज से 1,28600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सरयू लाल निशान से 50 सेंमी ऊपर बह रही है। दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 93.230 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
बारिश में ढहा कच्चा घर
फैजाबाद। सोहावल तहसील क्षेत्र के पंडितपुर गांव में गुरुवार रात एक महिला का कच्चा घर बारिश के चलते ढह गया। ग्रामीणों के मुताबिक, वह घर में अकेली रहती हैं। उसका बेटा बाहर रहता है। हादसे की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई लेकिन शनिवार सुबह तक न तो सर्वे के लिए तहसील प्रशासन का कोई कर्मी पहुंचा था और न ही महिला को कोई सहायता मिल पाई है।