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खसरे से दो बच्चों की मौत
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:04 PM IST
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खसरे से दो बच्चों की मौत
श्रावस्ती। ददौरा के मजरा शहादत नगर में कई दिनों से खसरे का प्रकोप व्याप्त है। इसकी चपेट में आने से बुधवार को दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि कई अन्य अब भी इसकी चपेट में हैं। घटना की जानकारी के बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम द्वारा लोगों का इलाज किया जा रहा है।
जमुनहा की ग्राम पंचायत ददौरा के मजरा सहादत नगर में खसरे का प्रकोप व्याप्त है। इसकी चपेट में गांव निवासी शिवम (7) पुत्र जगराम, शाबरून (5) पुत्री भूरे, सगीर (9 माह) पुत्र भूरे, विक्रम (10) पुत्र जगराम, खुशबू (8) पुत्री त्रिभुवन प्रसाद, लीलावती (17), हरीराम (65) पुत्र रामसुमिरन, बरकत अली (22) पुत्र प्रधान सहित कई अन्य लोग हैं।
बुधवार शाम शिवम व शाबरून की हालत काफी बिगड़ गई। इस पर जगराम ने शिवम को जिला अस्पताल बहराइच में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जबकि शाबरून को पास के ही एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। परिवारीजनों ने गांव में ही दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं, ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातन हेलिया बताते हैं कि, शाबरून का इलाज किसी झोलाछाप ने किया था। जिसके विरुद्ध मामला दर्ज कराया जाएगा। रही बात खसरे की तो ऐसी कोई बात नहीं है। बच्चों को सर्दी जुकाम बुखार की शिकायत थी। जिनका इलाज किया जा रहा है।
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श्रावस्ती। ददौरा के मजरा शहादत नगर में कई दिनों से खसरे का प्रकोप व्याप्त है। इसकी चपेट में आने से बुधवार को दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि कई अन्य अब भी इसकी चपेट में हैं। घटना की जानकारी के बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम द्वारा लोगों का इलाज किया जा रहा है।
जमुनहा की ग्राम पंचायत ददौरा के मजरा सहादत नगर में खसरे का प्रकोप व्याप्त है। इसकी चपेट में गांव निवासी शिवम (7) पुत्र जगराम, शाबरून (5) पुत्री भूरे, सगीर (9 माह) पुत्र भूरे, विक्रम (10) पुत्र जगराम, खुशबू (8) पुत्री त्रिभुवन प्रसाद, लीलावती (17), हरीराम (65) पुत्र रामसुमिरन, बरकत अली (22) पुत्र प्रधान सहित कई अन्य लोग हैं।
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बुधवार शाम शिवम व शाबरून की हालत काफी बिगड़ गई। इस पर जगराम ने शिवम को जिला अस्पताल बहराइच में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जबकि शाबरून को पास के ही एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। परिवारीजनों ने गांव में ही दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं, ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातन हेलिया बताते हैं कि, शाबरून का इलाज किसी झोलाछाप ने किया था। जिसके विरुद्ध मामला दर्ज कराया जाएगा। रही बात खसरे की तो ऐसी कोई बात नहीं है। बच्चों को सर्दी जुकाम बुखार की शिकायत थी। जिनका इलाज किया जा रहा है।