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सिल्ट सफाई के नाम पर नहर विभाग में हुआ खेल
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:34 AM IST
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नानपारा सरयू नहर खंड में 23 करोड़ का भुगतान लटका
बहराइच। सिल्ट सफाई के नाम पर सरयू नहर खंड नानपारा सेक्शन में लाखों का गोलमाल हुआ है। सफाई कार्य की अवधि बीतने के बाद सवाल उठ रहे थे। ठेकेदार संघ भी आंदोलित था। इसके चलते शासन ने भुगतान पर रोक लगा दी है।
जिस कारण 23 करोड़ रुपये का भुगतान फंस गया है। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि अधिकारी लीपापोती में जुटे हैं। सिल्ट की सफाई सुचारु तरीके से न होने के कारण आए दिन नहरें टूटती हैं। किसानों के खेतों को समुचित तरीके से पानी नहीं मिल पाता।
सरयू नहर खंड परियोजना में आए दिन घोटाले के मामले उछलते हैं। कभी नहर संचालन तो कभी पुल निर्माण और बाढ़ रोकने के लिए होने वाली कवायद में घोटाले के मामले सामने आते हैं। अब सिल्ट सफाई के नाम पर घोटाले की बू आ रही है।
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गौरतलब हो कि सरयू नहर खंड नानपारा सेक्शन में वर्ष 2016 में 65 करोड़ व 35 करोड़ रुपये के दो कार्य हुए थे। इसके तहत नानपारा से गिरिजापुरी तक नहर की सिल्ट सफाई होनी थी। लेकिन रायबोझा से मोतीपुर के मध्य सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी हुई।
जिसके चलते वर्ष भर पूर्व आई बाढ़ में पानी के दबाव से नहर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद घोटाले के आरोप लगने शुरू हुए। हालांकि आरोप-प्रत्यारोप के बीच भुगतान होता रहा। लेकिन बीते कुछ दिनों से सिंचाई ठेकेदार संघ मामले को लेकर आंदोलित हो उठा।
इस मामले में संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने शासन को पत्र भी लिखा। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नानपारा सरयू नहर खंड के बकाया 23 करोड़ रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी है। इसके बाद हड़कंप मचा है। जिम्मेदार अपने बचाव में जुट गए हैं।
इस बार भी आठ स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं नहरें
नहरों में इस बार भी बाढ़ के पानी का दबाव अधिक होने के चलते आठ स्थानों पर नहरें कटीं। इनमें अमृतपुर और शिवपुर के निकट बड़े पैमाने पर नहर कटने से व्यापक नुकसान हुआ। 13 गांव प्रभावित हुए। यह गांव कई दिनों तक पानी में डूबे रहे। गांव के लोगों ने सड़क पर शरण ली थी।
सूखी नहरें, नहीं हो पा रही संचालित
इसे सिल्ट सफाई की अनदेखी कहें या विभागीय अव्यवस्था। इस वर्ष अब तक नहरों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। बाबागंज, चरदा, रजबहा व माइनर के साथ ही पंप कैनाल सूखी पड़ी हैं। मुख्य सरयू नहर में मामूली पानी दिख रहा है। जिसके चलते किसानों के खेती का कार्य प्रभावित है।
काफी पहले हुए हैं कार्य, नहीं है समुचित जानकारी
सिल्ट सफाई का कार्य काफी पहले हुआ है। उस समय दूसरे अधिकारी थे। भुगतान रुका या नहीं संज्ञान में नही है। हां फाइलों को चेक करने के बाद ही बता पाएंगे। सिल्ट सफाई का कार्य अक्सर होता रहता है।
-विनय कुमार, अधिशासी अभियंता, सरयू नहर खंड नानपारा
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बहराइच। सिल्ट सफाई के नाम पर सरयू नहर खंड नानपारा सेक्शन में लाखों का गोलमाल हुआ है। सफाई कार्य की अवधि बीतने के बाद सवाल उठ रहे थे। ठेकेदार संघ भी आंदोलित था। इसके चलते शासन ने भुगतान पर रोक लगा दी है।
जिस कारण 23 करोड़ रुपये का भुगतान फंस गया है। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि अधिकारी लीपापोती में जुटे हैं। सिल्ट की सफाई सुचारु तरीके से न होने के कारण आए दिन नहरें टूटती हैं। किसानों के खेतों को समुचित तरीके से पानी नहीं मिल पाता।
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सरयू नहर खंड परियोजना में आए दिन घोटाले के मामले उछलते हैं। कभी नहर संचालन तो कभी पुल निर्माण और बाढ़ रोकने के लिए होने वाली कवायद में घोटाले के मामले सामने आते हैं। अब सिल्ट सफाई के नाम पर घोटाले की बू आ रही है।
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गौरतलब हो कि सरयू नहर खंड नानपारा सेक्शन में वर्ष 2016 में 65 करोड़ व 35 करोड़ रुपये के दो कार्य हुए थे। इसके तहत नानपारा से गिरिजापुरी तक नहर की सिल्ट सफाई होनी थी। लेकिन रायबोझा से मोतीपुर के मध्य सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी हुई।
जिसके चलते वर्ष भर पूर्व आई बाढ़ में पानी के दबाव से नहर कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद घोटाले के आरोप लगने शुरू हुए। हालांकि आरोप-प्रत्यारोप के बीच भुगतान होता रहा। लेकिन बीते कुछ दिनों से सिंचाई ठेकेदार संघ मामले को लेकर आंदोलित हो उठा।
इस मामले में संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने शासन को पत्र भी लिखा। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नानपारा सरयू नहर खंड के बकाया 23 करोड़ रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी है। इसके बाद हड़कंप मचा है। जिम्मेदार अपने बचाव में जुट गए हैं।
इस बार भी आठ स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं नहरें
नहरों में इस बार भी बाढ़ के पानी का दबाव अधिक होने के चलते आठ स्थानों पर नहरें कटीं। इनमें अमृतपुर और शिवपुर के निकट बड़े पैमाने पर नहर कटने से व्यापक नुकसान हुआ। 13 गांव प्रभावित हुए। यह गांव कई दिनों तक पानी में डूबे रहे। गांव के लोगों ने सड़क पर शरण ली थी।
सूखी नहरें, नहीं हो पा रही संचालित
इसे सिल्ट सफाई की अनदेखी कहें या विभागीय अव्यवस्था। इस वर्ष अब तक नहरों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। बाबागंज, चरदा, रजबहा व माइनर के साथ ही पंप कैनाल सूखी पड़ी हैं। मुख्य सरयू नहर में मामूली पानी दिख रहा है। जिसके चलते किसानों के खेती का कार्य प्रभावित है।
काफी पहले हुए हैं कार्य, नहीं है समुचित जानकारी
सिल्ट सफाई का कार्य काफी पहले हुआ है। उस समय दूसरे अधिकारी थे। भुगतान रुका या नहीं संज्ञान में नही है। हां फाइलों को चेक करने के बाद ही बता पाएंगे। सिल्ट सफाई का कार्य अक्सर होता रहता है।
-विनय कुमार, अधिशासी अभियंता, सरयू नहर खंड नानपारा