गोमती नगर विस्तारः 200 को मिलेंगे प्लॉट
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गोमतीनगर विस्तार के ऐसे आवंटी जिनको सालों से अपने प्लॉटों पर कब्जा नहीं मिल सका है, उनके लिए राहत भरी खबर है।
यहां के 1100 विवादित प्लॉटों में से 200 प्लॉट पूरी तरह से निर्विवाद घोषित कर दिए गए हैं।
इनकी पैमाइश कर के आवंटियों को कब्जा देने की प्रक्रिया भी प्राधिकरण ने शुरू कर दी है। ऐसे में आवंटियों को बड़ी राहत मिली है।
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि वे बहुत जल्द ही बचे हुए आवंटियों को भी उनके प्लॉटों पर कब्जा दिला देंगे।
यहां मुख्य रूप से सेक्टर-1, 2, 3 और 5 में विवादित प्लॉट सबसे अधिक हैं। प्लॉटों के आसपास मुख्य रूप से किसानों की भूमि होना, अवैध कब्जा, शमशान, कब्रिस्तान से जुड़े विवाद हैं।
इसके अलावा लाल डोरा की समस्या भी बनी हुई है। इसी वजह से आवंटियों को उनके प्लॉटों पर कब्जा नहीं दिया जा रहा था।
मगर अब जब प्राधिकरण के अधिकारी खुद ही भौतिक परीक्षण कर रहे हैं, ऐसे में आवंटियों को खासी राहत मिली है। अब वे अपने प्लॉटों पर कब्जा पाने लगे हैं।
किसानों को मिलेगा मुआवजा
एलडीए के अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-1 में 45, सेक्टर-2 में 45, सेक्टर-3 में 58 और सेक्टर-5 में 60 प्लॉटों पर आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है।
इनमें से कई प्लॉटों की मंगलवार को पैमाइश भी की गई। जिसके बाद में बहुत जल्द ही आवंटियों को कब्जा भी दे दिया जाएगा।
गोमतीनगर विस्तार के ऐसे 292 किसान जिनका प्रतिकर (मुआवजा) फाइलों में उलझा हुआ है, उनको बहुत जल्द ही मुआवजा दे दिया जाएगा।
इन किसानों में से 115 का प्रकरण तो पूरी तरह से साफ है, इनका भुगतान सबसे पहले हो जाएगा, जबकि बचे हुए किसानों को भी आपत्तियों के निस्तारण के बाद मुआवजा दे दिया जाएगा।
ये प्रकरण भी बहुत जल्द ही सुलझाया जाएगा। एलडीए के इस फैसले से प्लॉट मालिकों के साथ ही किसानों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।
इन दोनों वर्ग के लोगों के लिए ये किसी तोहफे से कम नहीं है।