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बालिका से गैंगरेप में दो दोषियों को 20 साल कारावास
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गैगरेप के दो दोषियों को सजा। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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घर से टॉफी व मिठाई लेने निकली मानसिक मंदित बालिका का अपहरण कर नौ दिनों तक सामूहिक दुराचार करने वाले अजय निषाद और रवि शुक्ला को विशेष न्यायाधीश, आयुर्वेद घोटाला प्रकरण, डॉ. अवनीश कुमार ने 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दोनों दोषियों को 40-40 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माने की रकम पीड़िता को देने का फरमान कोर्ट ने सुनाया है।
कोर्ट में बताया गया कि घटना की रिपोर्ट 12 सितंबर 2014 को कैंट थाने में दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने अजय निषाद और रवि शुक्ला के अलावा एक अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था, लेकिन उसके किशोर होने के कारण मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया।
कोर्ट में सरकारी वकील दुर्गेश नंदिनी श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता की आयु का निर्धारण केजीएमयू के डॉक्टरों ने किया।
इसमें बताया गया कि यद्यपि पीड़िता बालिग है, लेकिन उसकी दिमागी स्थिति दस साल छह माह के बच्चे के बराबर है। आरोपियों ने पीड़िता को गोरखपुर से अपहरण कर लखनऊ में रखा, जहां उसके साथ सामूहिक दुराचार किया।
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गवाही के दौरान पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी अक्सर बातों को भूल जाती है। परंतु पीड़िता ने कोर्ट में पहचान करते हुए बताया कि उसके साथ इन्हीं आरोपियों ने गलत काम किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया था कि प्रकरण में पीड़िता जब अपने घर से टॉफी और मिठाई लेने जा रही थी। तभी अभियुक्तों ने उसका मुंह दबाकर टैक्सी में खींच लिया था।
इसके बाद कमरे पर ले जाकर उसे न केवल बेहोश कर दिया बल्कि उसके हाथ-पैर बांधकर नौ दिन तक लगातार दुराचार किया और मारापीटा था।
अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश, दोषी को पांच साल कारावास
किशोर के साथ अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश करने वाले गुड्डू रावत को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश रामविलास प्रसाद ने पांच वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शशि पाठक एवं विशेष अधिवक्ता राकेश श्रीवास्तव का तर्क था कि 21 नवंबर 2018 को घटित घटना की रिपोर्ट वादी ने 22 नवंबर को कृष्णा नगर थाना में गुड्डू रावत के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया था कि गुड्डू रावत और उसके दोस्त ने मिलकर पीड़ित बालक को अपने पास बुलाया तथा उसके साथ अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध पर उसे जानमाल की धमकी दी। बहस के दौरान यह भी कहा गया कि आरोपी ने बच्चे को निर्वस्त्र कर दिया। किसी तरह घर पहुंचे बच्चे ने अपनी मां को रोते हुए आपबीती सुनाई थी। इसके बाद बच्चे के परिवारीजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश
मकान की रजिस्ट्री के बाद पैनकार्ड निकाल कर जाली पन्ना लगाकर धोखाधड़ी करने और सारी रकम हड़पने के आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सीबीआई, सत्यवीर सिंह ने प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज को दिया है। रिपोर्ट की मांग वाली अर्जी शिकायतकर्ता कमल श्रीवास्तव ने दायर की थी। अर्जी में आरोप लगाया गया कि उसने और देवीशंकर ने 20 अक्टूबर 2020 को संयुक्त रूप से नादान महल रोड स्थित भवन को अजय प्रजापति की पत्नी रश्मि को रजिस्ट्री की थी। आरोप है कि वादी ने 28 अक्तूबर 2021 को जब रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति निकलवाई तो पता चला कि बैनामे के पेज नंबर 13 को बदल कर उसकी जगह दूसरा पेज लगा दिया गया। इसमें मकान के सारे हिस्से को अजय दीक्षित व रश्मि ने कूटरचना कर अपने नाम करा लिया। कहा गया है कि सभी आरोपियों ने न केवल विक्रय राशि हड़प बल्कि मूल रजिस्ट्री में कूट रचना और धोखाधड़ी भी की है। अजय प्रजापति और अजय दीक्षित वर्तमान में सपा पार्षद हैं।
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साथ ही दोनों दोषियों को 40-40 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। जुर्माने की रकम पीड़िता को देने का फरमान कोर्ट ने सुनाया है।
कोर्ट में बताया गया कि घटना की रिपोर्ट 12 सितंबर 2014 को कैंट थाने में दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने अजय निषाद और रवि शुक्ला के अलावा एक अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था, लेकिन उसके किशोर होने के कारण मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया।
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कोर्ट में सरकारी वकील दुर्गेश नंदिनी श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता की आयु का निर्धारण केजीएमयू के डॉक्टरों ने किया।
इसमें बताया गया कि यद्यपि पीड़िता बालिग है, लेकिन उसकी दिमागी स्थिति दस साल छह माह के बच्चे के बराबर है। आरोपियों ने पीड़िता को गोरखपुर से अपहरण कर लखनऊ में रखा, जहां उसके साथ सामूहिक दुराचार किया।
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गवाही के दौरान पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी अक्सर बातों को भूल जाती है। परंतु पीड़िता ने कोर्ट में पहचान करते हुए बताया कि उसके साथ इन्हीं आरोपियों ने गलत काम किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया था कि प्रकरण में पीड़िता जब अपने घर से टॉफी और मिठाई लेने जा रही थी। तभी अभियुक्तों ने उसका मुंह दबाकर टैक्सी में खींच लिया था।
इसके बाद कमरे पर ले जाकर उसे न केवल बेहोश कर दिया बल्कि उसके हाथ-पैर बांधकर नौ दिन तक लगातार दुराचार किया और मारापीटा था।
अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश, दोषी को पांच साल कारावास
किशोर के साथ अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश करने वाले गुड्डू रावत को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश रामविलास प्रसाद ने पांच वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शशि पाठक एवं विशेष अधिवक्ता राकेश श्रीवास्तव का तर्क था कि 21 नवंबर 2018 को घटित घटना की रिपोर्ट वादी ने 22 नवंबर को कृष्णा नगर थाना में गुड्डू रावत के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। आरोप लगाया था कि गुड्डू रावत और उसके दोस्त ने मिलकर पीड़ित बालक को अपने पास बुलाया तथा उसके साथ अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध पर उसे जानमाल की धमकी दी। बहस के दौरान यह भी कहा गया कि आरोपी ने बच्चे को निर्वस्त्र कर दिया। किसी तरह घर पहुंचे बच्चे ने अपनी मां को रोते हुए आपबीती सुनाई थी। इसके बाद बच्चे के परिवारीजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश
मकान की रजिस्ट्री के बाद पैनकार्ड निकाल कर जाली पन्ना लगाकर धोखाधड़ी करने और सारी रकम हड़पने के आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सीबीआई, सत्यवीर सिंह ने प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज को दिया है। रिपोर्ट की मांग वाली अर्जी शिकायतकर्ता कमल श्रीवास्तव ने दायर की थी। अर्जी में आरोप लगाया गया कि उसने और देवीशंकर ने 20 अक्टूबर 2020 को संयुक्त रूप से नादान महल रोड स्थित भवन को अजय प्रजापति की पत्नी रश्मि को रजिस्ट्री की थी। आरोप है कि वादी ने 28 अक्तूबर 2021 को जब रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति निकलवाई तो पता चला कि बैनामे के पेज नंबर 13 को बदल कर उसकी जगह दूसरा पेज लगा दिया गया। इसमें मकान के सारे हिस्से को अजय दीक्षित व रश्मि ने कूटरचना कर अपने नाम करा लिया। कहा गया है कि सभी आरोपियों ने न केवल विक्रय राशि हड़प बल्कि मूल रजिस्ट्री में कूट रचना और धोखाधड़ी भी की है। अजय प्रजापति और अजय दीक्षित वर्तमान में सपा पार्षद हैं।