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Lucknow News: दो करोड़ लेकर भागा ग्राहक सेवा केंद्र संचालक, रिपोर्ट
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थाना समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे ग्राहक।
लखनऊ। 50 ग्राहकों के दो करोड़ रुपये लेकर भागने के आरोपी ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक नरेंद्र कुमार के खिलाफ काकोरी पुलिस ने शनिवार को आठ दिन बाद एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई एसबीआई बैंक की अधिकृत एजेंसी जीरो मास प्राइवेट लिमिटेड के यूपी हेड ईशान की तहरीर पर की गई है।
इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि काकोरी कस्बा स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा ने जीरो मास प्राइवेट लिमिटेड को ग्राहक सेवा केंद्र का लाइसेंस देने के लिए अधिकृत किया था। फर्म ने आरोपी नरेंद्र कुमार को केंद्र संचालन का लाइसेंस दिया था। नरेंद्र ने बैंक के पास ही ग्राहक सेवा केंद्र खोला था। केंद्र में ग्राहक माटीपुर गांव निवासी सुनीता व 50 से अधिक अन्य लोगों ने दो करोड़ रुपये जमा कराए थे। इसी रकम को आरोपी नरेंद्र ने हड़प ली थी और केंद्र बंद करके भाग निकला था।
ग्राहकों का आरोप है कि जब उन्होंने दो दिसंबर को एसबीआई शाखा में शिकायत की तो उन्हें सिर्फ आशवासन मिला। फिर उन्होंने शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर से मामले की शिकायत की थी। उन्होंने व ग्राहकों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। डीएम ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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थाना समाधान दिवस पर दो घंटे लगाते रहे फरियाद
शनिवार को थाना समाधान दिवस में एक बार फिर थाने में 131 ग्राहकों ने फरियाद लगाई। करीब दो घंटे बाद 131 ग्राहकों ने सम्मलित रूप से आरोपी केंद्र संचालक के खिलाफ एजेंसी के यूपी हेड ईशान को शिकायती पत्र दिया। फिर पुलिस ने कार्रवाई की।
सर्वर का बहाना देकर पासबुक रख लेता था नरेंद्र
ग्राहकों का आरोप है कि जब भी वे रकम जमा करने जाते थे तो वह अपडेट के लिए पासबुक अपने पास रख लेता था। फिर वह सर्वर ठप होने की बात कह कर बाद में रकम जमा कराने की बात कहता था। ग्राहकों ने बताया कि बैंक में रकम जमा नहीं होने पर जब वह आरोपी से पूछताछ करते थे तो वह टालमटोल करने लगता था। फिर मौका देखकर भाग निकला।
पीड़ितों की जमा नहीं हुई रकम, मौन रहे अधिकारी
पीड़ितों का आरोप है कि ठगी में बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। केंद्र संचालक ने बैंक अधिकारियों से मिलकर उनके खातों से भी कुछ रकम निकाल ली गई। ग्राहकों ने जब बैंक में शिकायत और प्रर्दशन किया तो वे सिर्फ आश्वासन देते रहे। आरोप है कि अधिकारियों ने कोई कार्रवाई के बजाय सिर्फ आश्वासन दिया। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर के मुताबिक मामले की तफ्तीश की पुलिस की तीन टीमें गठित की गई है। बयान के लिए बैंक अधिकारियों, फर्म के लोगों और ग्राहकों को बुलाया जाएगा। बयान और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहकों ने केंद्र संचालक नरेंद्र के खिलाफ रकम हड़पने की शिकायत की थी । शिकायती पत्र के आधार पर अधिकृत फर्म को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। उर्मिला शर्मा, बैंक मैनेजर, एसबीआई
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इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि काकोरी कस्बा स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा ने जीरो मास प्राइवेट लिमिटेड को ग्राहक सेवा केंद्र का लाइसेंस देने के लिए अधिकृत किया था। फर्म ने आरोपी नरेंद्र कुमार को केंद्र संचालन का लाइसेंस दिया था। नरेंद्र ने बैंक के पास ही ग्राहक सेवा केंद्र खोला था। केंद्र में ग्राहक माटीपुर गांव निवासी सुनीता व 50 से अधिक अन्य लोगों ने दो करोड़ रुपये जमा कराए थे। इसी रकम को आरोपी नरेंद्र ने हड़प ली थी और केंद्र बंद करके भाग निकला था।
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ग्राहकों का आरोप है कि जब उन्होंने दो दिसंबर को एसबीआई शाखा में शिकायत की तो उन्हें सिर्फ आशवासन मिला। फिर उन्होंने शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर से मामले की शिकायत की थी। उन्होंने व ग्राहकों ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। डीएम ने पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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थाना समाधान दिवस पर दो घंटे लगाते रहे फरियाद
शनिवार को थाना समाधान दिवस में एक बार फिर थाने में 131 ग्राहकों ने फरियाद लगाई। करीब दो घंटे बाद 131 ग्राहकों ने सम्मलित रूप से आरोपी केंद्र संचालक के खिलाफ एजेंसी के यूपी हेड ईशान को शिकायती पत्र दिया। फिर पुलिस ने कार्रवाई की।
सर्वर का बहाना देकर पासबुक रख लेता था नरेंद्र
ग्राहकों का आरोप है कि जब भी वे रकम जमा करने जाते थे तो वह अपडेट के लिए पासबुक अपने पास रख लेता था। फिर वह सर्वर ठप होने की बात कह कर बाद में रकम जमा कराने की बात कहता था। ग्राहकों ने बताया कि बैंक में रकम जमा नहीं होने पर जब वह आरोपी से पूछताछ करते थे तो वह टालमटोल करने लगता था। फिर मौका देखकर भाग निकला।
पीड़ितों की जमा नहीं हुई रकम, मौन रहे अधिकारी
पीड़ितों का आरोप है कि ठगी में बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। केंद्र संचालक ने बैंक अधिकारियों से मिलकर उनके खातों से भी कुछ रकम निकाल ली गई। ग्राहकों ने जब बैंक में शिकायत और प्रर्दशन किया तो वे सिर्फ आश्वासन देते रहे। आरोप है कि अधिकारियों ने कोई कार्रवाई के बजाय सिर्फ आश्वासन दिया। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर के मुताबिक मामले की तफ्तीश की पुलिस की तीन टीमें गठित की गई है। बयान के लिए बैंक अधिकारियों, फर्म के लोगों और ग्राहकों को बुलाया जाएगा। बयान और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ग्राहकों ने केंद्र संचालक नरेंद्र के खिलाफ रकम हड़पने की शिकायत की थी । शिकायती पत्र के आधार पर अधिकृत फर्म को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। उर्मिला शर्मा, बैंक मैनेजर, एसबीआई

थाना समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे ग्राहक।