फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   2.62 crore LED bulbs save up to 1363 crores: Shrikant

2.62 करोड़ एलईडी बल्ब से यूपी ने बचाए 1363 करोड़ रुपये : श्रीकांत शर्मा

Mon, 14 Dec 2020 10:41 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 14 Dec 2020 10:41 PM IST
विज्ञापन
2.62 crore LED bulbs save up to 1363 crores: Shrikant
मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण अभियान के तहत उजाला योजना में 2.62 करोड़ एलईडी बल्ब लगवाकर सरकार ने 1363 करोड़ रुपये की बचत की है। पीक ऑवर्स में बिजली की मांग 682 मेगावाट घटी है। इससे हर साल 3407 मिलियन यूनिट बिजली की बचत हो रही है। ऊर्जा संरक्षण के उपायों से यूपी ने 2.76 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में भी कमी की है। यही नहीं एलईडी स्ट्रीट लाइट, स्टार रेटेड उपकरणों के उपयोग से भी अब तक बिजली की मांग 3413 मेगावाट की कमी दर्ज की गई है।
विज्ञापन


ये बातें ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सोमवार को ऊर्जा संरक्षण दिवस पर यूपीनेडा मुख्यालय पर लगाए गए 40 किलोवाट के रूफटॉप सौर ऊर्जा प्लांट व यूपी सेव्स एनर्जी वेबसाइट व मोबाइल एप के लोकार्पण समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर को क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी के तहत मॉडल टाउन बनाने के निर्देश दिए हैं। चरणबद्ध तरीके से 2024 तक इन शहरों को सौर ऊर्जा उत्पादन में दक्ष बनाकर सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। इन शहरों में घरों की छतों से 669 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने  859 करोड़ व राज्य सरकार ने 473 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।
विज्ञापन


शर्मा ने कहा कि प्रदेश में मौजूदा समय 12 लाख निजी नलकूप हैं। जिन्हें एनर्जी दक्ष पंपों से बदलने का काम चल रहा है। इससे करीब 400 करोड़ यूनिट बिजली की बचत होगी। पीएम कुसुम योजना के तहत किसान अनुपजाऊ भूमि पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट के सोलर प्लांट भी लगा सकेंगे। पूर्व सरकार तक प्रदेश में सिर्फ 36 मेगावाट के सोलर रूफटॉप प्लांट थे। योगी सरकार बनने के बाद यह 200 मेगावाट तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि अभी हम बिजली की जरूरतों के लिए पेट्रो रसायनों और कोयले पर निर्भर हैं। आने वाला समय इलेक्ट्रिक व्हीकल का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दुनिया के कई देश 2030 के बाद पेट्रोल व डीजल का उपयोग बंद करने जा रहे हैं। हमें भी पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण के  लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रदेश के सभी विद्यालयों तक ले पर जोर देते हुए कहा कि सभी स्कूलों में कराई जा रही प्रतियोगिताओं में इसे शामिल किया जाए। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण पर प्रदेश भर में कराई गई प्रतियोगिताओं में शामिल व विजयी छात्रों, स्कूलों, ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सकारात्मक योगदान के लिए विभिन्न श्रेणियों के तहत वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों को दिए जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा भी की। 


अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत अरविंद कुमार ने कहा कि बिजली उत्पादन में अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। सौर ऊर्जा को बैटरी में स्टोर कर रात्रि में इसका अधिकतम उपयोग किया जा सके, इसके प्रयास हो रहे हैं। टाइम ऑफ  द डे टैरिफ  लागू किया गया है। इसके अनुसार उद्योगों व कामर्शियल उपभोक्ताओं को दिन में बिजली के इस्तेमाल पर दरों में छूट दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed