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शहनाज हत्याकांड : सीबीआई जांच की मांग
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर में मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें बहुचर्चित शहनाज हत्याकांड के पुलिस खुलासे पर सवालिया निशान लगाते हुए तय किया गया कि आगामी 25 अप्रैल को कलेक्ट्रेट के पास धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही आगामी दिनों में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग किए जाने का निर्णय लिया गया।
अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ यादव ने कहा कि फौजदारी अधिवक्ता जुनेद अहमद की पत्नी शहनाज की हत्या मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह पूरी संदिग्ध है। उन्होंने विवेचना पर ही सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मात्र एक युवक को हत्या के मामले में गिरफ्तार पर पुलिस खुद ही अपनी पीठ थपथपा रही है। कहा कि पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह सही नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने खुलासा करने में पूरी तरह लापरवाही बरती है। उन्होंने पूरे मामले की ठीक तरीके से विवेचना किए जाने की मांग की। कहा गया कि जब तक पुलिस असली आरोपियों को नहीं पकड़ती और पुख्ता कारण नहीं बताती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। तय किया गया कि आगामी 25 अप्रैल को कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सांसद के माध्यम से अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग करेगा। सचिव शिवप्रसाद सिंह ने कहा कि बैठक में तय किया गया कि कार्य बहिष्कार के दौरान यदि इस दौरान कोई अधिवक्ता कार्य करता पाया गया, तो उस पर न सिर्फ 2 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि तीन माह के लिए उसे निष्कासित किया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ताराकांत त्रिपाठी, विनोद कुमार श्रीवास्तव, देवेंद्र प्रसाद, विजय उपाध्याय, रामकरन पाल, महेंद्र सिंह, सै. मो. अली जैदी, मजीद अंसारी, विशाल सिंह, मनीराम आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ यादव ने कहा कि फौजदारी अधिवक्ता जुनेद अहमद की पत्नी शहनाज की हत्या मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह पूरी संदिग्ध है। उन्होंने विवेचना पर ही सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मात्र एक युवक को हत्या के मामले में गिरफ्तार पर पुलिस खुद ही अपनी पीठ थपथपा रही है। कहा कि पुलिस ने जो खुलासा किया है, वह सही नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने खुलासा करने में पूरी तरह लापरवाही बरती है। उन्होंने पूरे मामले की ठीक तरीके से विवेचना किए जाने की मांग की। कहा गया कि जब तक पुलिस असली आरोपियों को नहीं पकड़ती और पुख्ता कारण नहीं बताती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। तय किया गया कि आगामी 25 अप्रैल को कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सांसद के माध्यम से अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग करेगा। सचिव शिवप्रसाद सिंह ने कहा कि बैठक में तय किया गया कि कार्य बहिष्कार के दौरान यदि इस दौरान कोई अधिवक्ता कार्य करता पाया गया, तो उस पर न सिर्फ 2 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि तीन माह के लिए उसे निष्कासित किया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ताराकांत त्रिपाठी, विनोद कुमार श्रीवास्तव, देवेंद्र प्रसाद, विजय उपाध्याय, रामकरन पाल, महेंद्र सिंह, सै. मो. अली जैदी, मजीद अंसारी, विशाल सिंह, मनीराम आदि मौजूद रहे।
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